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July 23, 2025

‘सैयारा’ का जादू और यूपी पुलिस की अनोखी चेतावनी

डिजिटल डेस्क। पिछले शुक्रवार रिलीज हुई फिल्म ‘सैयारा’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। महज 4 दिनों में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसी बीच यूपी पुलिस ने फिल्म के बहाने रोड सेफ्टी और साइबर क्राइम को लेकर शानदार तरीके से लोगों को जागरूक किया है।यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया पर फिल्मी अंदाज में कहा –”सफ़र भी, मोहब्बत भी… लेकिन सेफ्टी सबसे पहले!””हेलमेट खुद भी पहनिए और सैयारा को भी पहनाइए, वरना रोमांस से पहले ही रोडमैप बदल सकता है!”पुलिस का संदेश साफ है – अगर आप अपने खास के साथ बाइक पर सफर कर रहे हैं, तो हेलमेट लगाना न भूलें। प्यार में ध्यान रखना ही असली देखभाल है, और सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी।सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, साइबर ठगी को लेकर भी यूपी पुलिस ने सैयारा फिल्म का सहारा लिया। अपने एक्स (Twitter) हैंडल पर पुलिस ने लिखा:”सैयारा से स्कैम ना हो जाये यारा!””फिल्म देखकर सिनेमाघरों में लोग बेहोश हो रहे हैं,लेकिन असली बेहोशी तब होगी जब‘I love you’ के बाद कोई बोले – ‘OTP भेजो प्लीज़’…और बैंक अकाउंट में ₹0 दिखे!”दिल दीजिए, OTP नहीं।

फरेंदा बुजुर्ग में बुलडोजर चला, सरकारी भीटा की भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

महराजगंज। ग्राम फरेंदा बुजुर्ग, थाना फरेंदा अंतर्गत स्थित गाटा संख्या 430 मि., जो राजस्व अभिलेख में भीटा की भूमि के रूप में दर्ज है, पर राम ललित पुत्र कल्पू द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। प्रशासन द्वारा कई बार चेतावनी देने के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया।प्रशासन ने इस अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध थाना फरेंदा में मुकदमा दर्ज कराते हुए आज तहसीलदार फरेंदा, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व टीम एवं पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटवाया।एसडीएम फरेंदा ने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में चिन्हित सभी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

गोरखपुर ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनी महिला सिपाहियों का हंगामा, अव्यवस्थाओं को लेकर जताया विरोध

गोरखपुर। बुधवार सुबह गोरखपुर स्थित महिला पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लगभग 600 ट्रेनी महिला सिपाहियों ने प्रशिक्षण परिसर के बाहर आकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिला रिक्रूट्स ने ट्रेनिंग सेंटर की मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराज़गी ज़ाहिर की।ट्रेनी सिपाहियों का आरोप है कि सेंटर में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। रातभर बिजली गुल रही, जिससे गर्मी और मच्छरों के कारण पूरी रात उन्हें जागकर बितानी पड़ी। महिलाओं का कहना है कि जनरेटर की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा शुद्ध पेयजल, शौचालय और नहाने की सुविधा जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं की जा रही हैं।महिला सिपाहियों ने बताया कि जिस परिसर की क्षमता 360 रिक्रूट्स की है, वहां 600 से अधिक महिलाएं एक साथ रह रही हैं। जगह की कमी के चलते कई को खुले में नहाना पड़ रहा है, जिससे उनकी निजता और सुरक्षा को खतरा हो रहा है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि परिसर में पुरुषों का बेरोकटोक आना-जाना जारी है, जिससे वे असहज महसूस कर रही हैं।एक रिक्रूट का कहना था, “जब पीने के पानी की मांग की तो जवाब मिला कि फंड नहीं आया है। अगर व्यवस्था नहीं थी तो हमें क्यों बुलाया गया?” उन्होंने सवाल उठाया कि यह क्या वही योगी सरकार का जिला है जो सुशासन और सख्त प्रशासन के लिए जाना जाता है?हंगामे की सूचना मिलते ही ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ ट्रेनर मौके पर पहुंचे और नाराज़ सिपाहियों को शांत कराने का प्रयास किया। देर शाम तक बातचीत का दौर जारी रहा, लेकिन रिक्रूट्स अपनी मूलभूत मांगों पर अड़ी रहीं।इस घटनाक्रम ने प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।