पुरैना, महाराजगंज। कल दिनांक 10 फरवरी को भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पुरैना द्वारा ग्राम भुवना ब्लॉक घुघली में चलाए जा रहे घरेलू अगरबत्ती बनाना प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आर सेटी पुरैना खंडी में निदेशक राजेश कुमार के द्वारा महामागिता प्रमाण पत्र वितरण कर किया गया। निदेशक द्वारा प्रशिक्षकों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दिए साथ ही साथ महिलाओं को स्वरोजगार के बारे में बताते हुए आवश्यक जानकारी दी अंत में सभी प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उक्त अवसर पर संकाय राघवेंद्र सिंह, व शशिकांत दीक्षित एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
फोटो – दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज भैंसा के विदाई समारोह में कक्षा बारहवीं की छात्राओं का सामूहिक नृत्य
भिटौली, महाराजगंज। दुर्गावती देवी इंटरमीडिएट कॉलेज भैंसा में कक्षा 10 एवं 12 के छात्र-छात्राओं के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह का शुभारंभ साक्षी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात दिया, स्नेहा और आयुषी ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में दिव्यांशी, आराध्या, अनुष्का एवं रिद्धिमा ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वहीं संजीव ने ‘तेरी उंगली पकड़कर चला’ गीत प्रस्तुत कर भावुक माहौल बना दिया। अंत में छात्राओं के सामूहिक नृत्य ने समारोह को यादगार बना दिया। इस अवसर पर अतिथि के रूप में संजय मणि त्रिपाठी, प्रदीप उपाध्याय, राजेंद्र दुबे, एजाज खान एवं शेषमणि पांडे उपस्थित रहे। विद्यालय की प्रधानाचार्या करुणामणि पटेल सहित रमेश चंद्र पटेल, मनमीत पटेल, सीमा पांडे, नेहा मद्धेशिया, नेहा पटेल, प्रीति जायसवाल, अमित गिरी, राहुल साहनी एवं राहुल जायसवाल आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया।
महराजगंज। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक खुशहलनगर घुघुली के इन शाखाओ में विश्वस्त रूप से करोड़ो रूपये का बेनामी फर्जी लेन देन का हवाला कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्राप्त दस्तावेज और सूत्रों के अनुसार इन शाखाओं के माध्यम से लगभग करोड़ो रूपये का संदिग्ध लेन देन किया गया है। जिसके तार पच्छिम बंगाल से जुड़े होने की आशंका है। हवाला के इस खेल में कथित तौर पर कई ऐसे फर्जी खाता खुले हैं जैसे चंद्रशेखर प्रजापति खाता संख्या (640805/410 ), उदयभान सिंह( 75059690894), अनिता सिंह( 75069402546 ), ( 640805/1379 से 640805/1388 ) तक ऐसे बहुत सारे बेनामी खाते खोले गए जिसका कोई दस्तावेज नही है। जिसका उपयोग पार्किंग खाता के रूप में किया गया। बैंक विवरण से पता चलता है कि इन सभी खातों में भारी रकम आती है और उस रकम को बंगाल के किसी मोहम्मद मुस्तफा नामक व्यक्ति के खाते में भेज गया है।
इस फर्जी लेंन -देन में क्षेत्रीय प्रबंधक और बैंक के शाखा प्रबंधक की मिली भगत से इस काम को अंजाम दिया गया
सबसे बड़ी चौकाने वाली बात ये सामने आई हैं कि अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग सैकड़ो KCC खाते से 1470/ ₹ रुपये की अवैध कटौती की गई हैं। कटौती की गई रकम उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के शाखा घुघुली में भेजा गया। किसानों की मेहनत की कमाई गरीब और असहाय लोगों की हक पर डाका डाल रहे बैंक कर्मचारी बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई हैं। ऐसे लेनदेन को ले कर जब ‘श्री त्रिपाठी जी’ ने इसका विरोध किया तो क्षेत्रीय प्रबंधक के द्वारा उन्हें शाखा से दूर स्थानांतरित कर दिया गया। जिससे ये सिद्ध होता है कि इस भ्र्ष्टाचार में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बड़े अधिकारी भी शामिल है। इस फ़र्ज़ी लेन देन को लेकर बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा एवम बैंक प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। इन सभी करोङो रुपये के फर्जी लेन देन का बड़े उच्चाधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच हो।ऐसे में कई फ़र्ज़ी लेन देन का खेल उजागर हों सकता हैं।
पीपीगंज गोरखपुर। बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज के पूर्व छात्र एवं जेपी इंटर कॉलेज कैम्पियरगंज के शिक्षक श्री दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव के सुपुत्र डॉ. सुधीर प्रकाश श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किए जाने पर पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से गोरखपुर जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है। वर्तमान में डॉ. श्रीवास्तव डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा, शोध और प्रशासनिक अनुभव के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली ने उन्हें यह प्रतिष्ठित दायित्व दिलाया है। उनकी नियुक्ति न केवल उनके परिवार, बल्कि बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज तथा समूचे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। डॉ. श्रीवास्तव की इस उपलब्धि से शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज के शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने इसे विद्यालय के लिए सम्मान और प्रेरणा का क्षण बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार यादव ने कहा कि आज एक बार फिर बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है। अंग्रेजी अध्यापक एवं उनके मित्र अतहर हुसैन ने कहा कि डॉ. श्रीवास्तव अपने शैक्षिक जीवन से ही मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर निरंतर ऊंचाइयों को छूते आ रहे हैं।इसके अतिरिक्त पवन पांडेय, ज्योति प्रकाश श्रीवास्तव, कमाल जावेद, डॉ. सुबोध कुमार, करुणा शंकर मिश्रा, शैलेश मणि त्रिपाठी, रवि प्रकाश सहित अन्य शिक्षकों एवं मित्रों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं हैं।
ब्यूरो गोरखपुर। डॉ. कौस्तुभ उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक तेजतर्रार और कर्मठ अधिकारी हैं। वे मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के निवासी हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई की, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और उच्च शैक्षणिक पृष्ठभूमि को दर्शाती है। चिकित्सा क्षेत्र से प्रशासनिक सेवा में आकर उन्होंने समाज सेवा के व्यापक उद्देश्य को अपनाया और अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। डॉ. कौस्तुभ 2015 बैच के RR (Direct Recruit) आईपीएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। वे संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर, महराजगंज, सोनभद्र और वाराणसी जैसे जिलों में एसपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। गोरखपुर में उन्होंने एसपी सिटी (SP City) के रूप में कार्य करते हुए शहरी कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त वे नोएडा में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। दिसंबर 2024 से वे जौनपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत रहे, जहां अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर अंकुश तथा संगठित अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें सराहा गया। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय क्षमता और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई देती है। अब गोरखपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राजकरन नैय्यर के स्थान पर डॉ. कौस्तुभ को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में एसएसपी के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में उनसे काफी अपेक्षाएं की जा रही हैं। उनके पूर्व अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए माना जा रहा है कि वे जिले में पुलिसिंग को नई दिशा देंगे। डॉ. कौस्तुभ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 2021 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर) तथा वर्ष 2023 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (गोल्ड) से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान उनके समर्पण, अनुशासन और प्रभावी नेतृत्व के प्रतीक हैं। वे अपनी सादगी, विनम्रता और पेशेवर कार्यशैली के लिए पुलिस बल और आम जनता के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी प्रशासनिक शैली में टीमवर्क, जवाबदेही और संवेदनशीलता का समावेश है। वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। गोरखपुर के नए एसएसपी के रूप में डॉ. कौस्तुभ से अपेक्षा की जा रही है कि वे अपराध नियंत्रण, सुरक्षा, साइबर अपराध रोकथाम और पुलिस-जन संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
प्रदेश और क्षेत्र का किया नाम रोशन – जगरोशन पब्लिक स्कूल गोरखपुर – भटहट – भटहट क्षेत्र के जंगल हरपुर स्थित जगरोशन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मोहम्मद हैदर अली खान को 2 फरवरी को दुबई के होटल रैडिसन में बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 से सम्मानित किया गया .यह कार्क्रम 31 जनवरी से 3 फरवरी तक 3 रात-4 दिन के बिजनेस टूर में विजेताओं को नेटवर्किंग, इंटरैक्शन और सम्मान समारोह का मौका मिला । व्यापार को बढ़ावा देने की पहल के तहत अमर उजाला व्यापार जगत की नामचीन हस्तियों को अमर उजाला बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 से सम्मानित करेगा। इसका आयोजन 2 फरवरी को दुबई, यूएई में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 6 बजे से होटल रैडिसन, डेरा क्रीक दुबई में होगा। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देश-विदेश से चुने गए प्रतिष्ठित उद्यमियों और प्रोफेशनल्स को उनके अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया इस अवसर पर आयोजित होने वाला बिजनेस टूर 3 रात और 4 दिन का होगा, जो 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान अवार्ड विजेताओं को नेटवर्किंग, बिजनेस इंटरैक्शन और सम्मान समारोह का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार टाइटल स्पॉन्सर के रूप में जुड़ी है, जबकि ओमेक्स ‘पावर्ड बाय’ पार्टनर है। वहीं, ‘द प्रॉपर्टी क्लिनिक’ इस कार्यक्रम में भरोसेमंद प्रॉपर्टी पार्टनर की भूमिका निभा रहा है। अमर उजाला बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स का उद्देश्य ऐसे व्यवसायियों और संस्थानों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और भरोसे का उदाहरण पेश किया है। यह आयोजन न सिर्फ भारतीय उद्यमिता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा, बल्कि दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में भारत की कारोबारी क्षमता को भी मजबूती से सामने लाएगा।अमर उजाला का यह प्रयास व्यापार और उद्योग जगत में उत्कृष्टता को पहचान देने की दिशा में एक और सशक्त कदम माना जा रहा है।
इन्हें मिला सम्मान डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. कमल कांत उपमन्यु, रौनक उपमन्यु, रामहरी, हर्षित अग्रवाल, शिव कुमार गुप्ता, चंचल गुहैरमैन, डॉ. रुचि रावत, जिमी सिंह, मयंक कुमार, प्रणव गुप्ता, सागर सेठी, ठाकुर सुनील सिंह, राजीव चौधरी, मोहित त्यागी, डॉ. अंकुर लठ्ठर, ज्ञानेश कुमार दीक्षित, डॉ. ममता कुमार, मोहम्मद हैदर अली, विमलेश मौर्य, डॉ. अशोक कुमार शर्मा, शुभम शर्मा, सोबमीर कोड़ान, लक्ष्मण पी. कुशवाहा, नुक्षत्रा गुप्ता, डॉ. मीना पंठरी, श्रीमती उमा अग्रवाल, नवनीत अग्रवाल, डॉ. सौरभ शर्मा, नीना जैन, श्री दीपेंद्र सिंह चौहान, इंजीनियर रणधीर सिंह, उदय राज सिंह, अंजनी कुमार पांडेय, डॉ. शेषधार पांडेय, डॉ. सैयद नाज़िम अली।
ब्यूरो गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र गोबरहिया नाले पर बने पुल के नीचे झाड़ियों में शुक्रवार की सुबह मिले निर्वस्त्र महिला के शव की पहचान मुंबई की रहने वाली 35 वर्षीय प्रिया शेट्टी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति ने ही की थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी युवक और उसके एक साथी को पुलिस ने अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को रविवार की दोपहर तक शहर लाया जाएगा, घटना के बाद पूरे पीपीगंज क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। महिला का शव जिस हालात में मिला, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। शव पूरी तरह निर्वस्त्र था और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया था, जिससे पहचान कर पाना मुश्किल हो गया था। शुरुआती जांच में ही पुलिस को यह साफ हो गया था कि यह मामला साधारण नहीं, बल्कि बेहद क्रूर और सुनियोजित हत्या का है।
सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच शुरू की। पीपीगंज कस्बे और आसपास के इलाकों में लगे दर्जनों कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी दौरान एक बैंक के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में नीली स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवक नजर आए। फुटेज में दोनों संदिग्ध स्कूटी पर कुछ भारी सामान ले जाते दिखाई दिए, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के जरिए संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की गई। तकनीकी जांच पूरी होते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक और उसके एक साथी को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों को रविवार की दोपहर तक गोरखपुर लाया जाएगा।
मुंबई में शुरू हुआ प्रेम प्रसंग पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका प्रिया शेट्टी और आरोपी युवक के बीच मुंबई में प्रेम प्रसंग शुरू हुआ था। आरोपी युवक मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत था। वहीं उसकी मुलाकात प्रिया शेट्टी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आपसी संबंध स्थापित हो गए। प्रेम प्रसंग परवान चढ़ने के बाद दोनों ने शादी कर ली।
ग्रामीण परिवेश में बढ़ा तनाव पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर की चकाचौंध और ग्रामीण जीवनशैली के बीच सामंजस्य न बन पाने के कारण दोनों के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। छोटी-छोटी बातों पर विवाद इतना बढ़ जाता था कि हालात तनावपूर्ण हो जाते थे। इसी दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी युवक पहले से शादीशुदा था और प्रिया से दूरी बनाना चाहता था। कुछ समय पहले आरोपी युवक मुंबई से वापस अपने गांव लौट आया था। उसने प्रिया से संपर्क कम कर दिया था, लेकिन प्रिया उससे शादी को लेकर दबाव बना रही थी। इसी सिलसिले में वह ट्रेन से पीपीगंज पहुंच गई। आरोपी ने उसे एक किराए के मकान में ठहराया और बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की। हत्या की रची गई साजिश जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर प्रिया की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार आरोपी और उसकी पत्नी ने प्रिया को नशे की हालत में फंसाया और इसी का फायदा उठाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव की पहचान छिपाने के लिए बेहद अमानवीय तरीका अपनाया। प्रिया के चेहरे को ईंट से कुचल दिया गया, ताकि कोई उसकी पहचान न कर सके। इसके बाद उसके कपड़े भी उतार दिए गए। शव को स्कूटी पर रखा गया और पीपीगंज थाना क्षेत्र में गोबरहिया नाले के पुल के नीचे झाड़ियों में फेंक दिया गया।
फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य फॉरेंसिक टीम की जांच में घटनास्थल से लेकर शव मिलने की जगह तक कई जगह खून के निशान पाए गए हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या सड़क पर या किसी अन्य स्थान पर की गई और शव को दो-तीन बार में उठाकर पुल के नीचे झाड़ियों में फेंका गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुलिस की जांच को और मजबूती प्रदान की। पुलिस ने इस मामले में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। कई संदिग्धों से लंबी पूछताछ के बाद पुलिस सही आरोपियों तक पहुंच सकी। नीली स्कूटी, हत्या में प्रयुक्त ईंट और अन्य अहम साक्ष्यों की बरामदगी भी की जा रही है।
पुलिस की तत्परता से खुला राज इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों को गिरफ्तार किया, उससे कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है। फिलहाल आरोपी और उसके साथी से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
दहशत और सबक इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रेम संबंधों में अविश्वास, धोखा और आपसी कलह जब हिंसा का रूप ले लेते हैं, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है। पीपीगंज क्षेत्र में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है, वहीं लोग मृतका को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
गोरखपुर। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 30 जनवरी 2026 की रात को होने वाली इस खगोलीय घटना के दौरान बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा पास दिखेंगे इस प्रकार के संयोजन को युति या कंजंक्शन कहा जाता है, उन्होंने इस खगोलीय घटना की जानकारी देते हुए बताया कि “कंजंक्शन” (Conjunction) और “निकटतम बिंदु” (Apparent Closest Approach) के समय में सूक्ष्म तकनीकी अंतर है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार इनका विवरण कुछ इस प्रकार से होता है कि खगोल विज्ञान में ‘कंजंक्शन’ तब होता है जब दो पिंडों का (सम्यक आरोहण) Right Ascension (R.A.) लगभग समान हो जाता है,खगोलविद अमर पाल सिंह ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि ‘कंजंक्शन’ बनाम ‘अप्पल्स’ (Appulse) क्या होता है।उन्होंने बताया कि यद्यपि तकनीकी युति 30 जनवरी की रात 11:54 बजे है, लेकिन दोनों पिंडों के बीच की न्यूनतम कोणीय दूरी (Minimum Angular Separation) जिसे ‘Appulse’ कहा जाता है, वह कुछ मिनटों के अंतर पर होगी, इस न्यूनतम दूरी का समय 31 जनवरी 2026 है जोकि लगभग 12:08 AM (IST) पर होगा, और इस समय दोनों के बीच की कोणीय दूरी (3 डिग्री 18 आर्क-मिनट) होगी,लेकिन अवलोकन हेतु भारत के लिए 30 जनवरी की पूरी रात यह घटना घटित होने वाली है।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जाती हुई जनवरी खगोल प्रेमियों को एक और शानदार खगोलीय घटना का आकर्षक नज़ारा देकर जा रही है, इस दौरान 30 जनवरी 2026 की रात्रि में एक और खास खगोलीय घटना होने वाली है। इस रात को चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह आस पास दिखेंगे, या यूं कहें कि दोनों खगोलीय पिंड एक-दूसरे के काफी निकट नजर आएंगे। ऐसे में इस रात आकाश में एक आकर्षक खगोलीय दृश्य नजर आयेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ख़ास बात यह होगी कि यह खगोलीय घटना मिथुन तारामंडल की पृष्ठभूमि में घटित होगी और इस दौरान दूरबीन से देखने पर बृहस्पति के चार प्रमुख चंद्रमा भी स्पष्ट देखे जा सकते हैं।
नई दिल्ली।13 जनवरी 2026 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” लागू कर दिया है। यह नियम देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होगा।इस नए विनियम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र, दिव्यांगता या किसी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार के रूप में परिभाषित किया गया है। इससे OBC वर्ग को भी स्पष्ट कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, जिसे पहले के मसौदा ढांचे की एक बड़ी कमी माना जा रहा था।पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भेदभाव, उत्पीड़न और असमान अवसरों से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं का नकारात्मक प्रभाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक माहौल और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर पड़ा है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए UGC ने वर्ष 2026 में यह नया नियम लागू किया है।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को विनियमित और विकसित करने वाली एक वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना UGC अधिनियम, 1956 के अंतर्गत की गई थी और यह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। UGC का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। आयोग का प्रमुख कार्य विश्वविद्यालयों को अनुदान प्रदान करना, शैक्षणिक मानक तय करना, पाठ्यक्रम, शिक्षक योग्यता और शोध मानकों से जुड़े नियम बनाना तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और समानता सुनिश्चित करना है।नए नियमों के तहत प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में Equal Opportunity Centre की स्थापना अनिवार्य की गई है, जो वंचित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शैक्षणिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में Equity Committee का गठन किया जाएगा, जो भेदभाव से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी।नियमों में प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें 24×7 हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई अनिवार्य की गई है। इसके अलावा संस्थानों में Equity Ambassadors और Equity Squads की व्यवस्था की गई है, जिनका कार्य समानता से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाना और निगरानी करना होगा।भेदभाव की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है ताकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के भेदभाव को नियमों के दायरे में लाया जा सके। यदि कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है तो UGC को अनुदान रोकने, मान्यता निलंबित करने या रद्द करने का अधिकार होगा।हालांकि, इस नए विनियम को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। आलोचकों का कहना है कि भेदभाव की परिभाषा बहुत व्यापक और अस्पष्ट है, जिससे शैक्षणिक मूल्यांकन या प्रशासनिक निर्णय भी विवाद के दायरे में आ सकते हैं। इसके अलावा झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान न होने से शिकायत तंत्र के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।राजनीतिक स्तर पर भी इस नियम को लेकर मतभेद देखे गए हैं। कुछ दलों और संगठनों ने इसे सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की सुरक्षा की दिशा में आवश्यक कदम बताया है, जबकि अन्य ने इसे पहचान-आधारित राजनीति को बढ़ावा देने वाला करार दिया है। कुछ राज्यों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी है।इसके बावजूद, UGC का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन से भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और भेदभाव-मुक्त बन सकेगी।
गोरखपुर – भटहट क्षेत्र के जंगल हरपुर में जागरोशन पब्लिक स्कूल में आज 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि श्री कमला पति त्रिपाठी बर्तमान सांसद प्रितिनिधि के द्वारा ध्वजा रोहण किया गया , ध्वजा रोहण के बाद विद्यालय के छात्र छात्राओ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया ,
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को जागरोशन पब्लिक स्कूल परिसर में देशभक्ति और उत्साह से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके उपरांत विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। मुख्य अतिथि श्री कमला पति त्रिपाठी वर्तमान सांसद प्रितिनिधि ने तिरंगा फहराया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक श्री हैदर अली खान, प्रधानाचार्य श्री सी पी पाण्डेय , मोहित वर्मा ,अजय सिंह ,आलोक श्रीवास्तव ,मनोज कुमार, कुमारी हर्षिता , मंजुला कुमारी मृणालनी ,जयहिंद यादव ,अभय यादव, आई टी हेड महबूब अली व् समस्त विद्यालय के अध्यापक अध्यापिकाए सहित उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने ध्वज को सलामी दी। समारोह में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगे और ‘भारत माता की जय’ व ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक हैदर अली खान ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों, एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाने की अपील की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री सी पी पाण्डेय , मोहित वर्मा ,अजय सिंह ,आलोक श्रीवास्तव ,मनोज कुमार, कुमारी हर्षिता , मंजुला कुमारी मृणालनी ,जयहिंद यादव ,अभय यादव, आई टी हेड महबूब अली ,सबनम खातून सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।