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Mon. May 4th, 2026

गोरखपुर

खेत विवाद के बाद दो सगे भाइयों की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही और किडनी निकालने का आरोप

गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र में खेत को लेकर हुए विवाद के बाद घायल दो सगे भाइयों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और किडनी निकालने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को संभाला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, मंझरिया बड़गो गांव निवासी अक्षयवर निषाद (45) और उनके भाई पप्पू निषाद (40) का 28 अप्रैल की सुबह पड़ोसियों से खेत को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया, जिसमें दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालांकि, परिजन उन्हें वहां न ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिए।

परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान सुबह करीब 11 बजे पप्पू निषाद की मौत हो गई। वहीं, आरोप है कि रात करीब 10:30 बजे डॉक्टरों ने अक्षयवर निषाद की हालत गंभीर बताकर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन उस समय तक उनकी मौत हो चुकी थी और अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सिर में चोट होने के बावजूद अस्पताल में पेट का ऑपरेशन किया गया, जिससे उन्हें आशंका है कि कहीं किडनी तो नहीं निकाल ली गई। इसी को लेकर अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा चलता रहा।

मामले की सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर में स्कूली बच्चों से भरी ऑटो पलटी, 10 घायल; शिक्षिका भी आई चपेट में, मोबाइल चोरी

गोरखपुर। गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। चिलुआताल थाना क्षेत्र के मानीराम में सुबह करीब 7:40 बजे स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में करीब 10 बच्चे घायल हो गए, वहीं पास में खड़ी एक महिला शिक्षिका भी इसकी चपेट में आकर जख्मी हो गईं।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और ऑटो में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर वाहन को सीधा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे खड़ी ऑटो को किसी अन्य वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ।

इसी दौरान बस का इंतजार कर रही जंगल कौड़िया की एक महिला शिक्षिका भी घायल हो गईं। घटना की अफरा-तफरी में उनका मोबाइल फोन हाथ से गिर गया, जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठा लिया। शिक्षिका ने करीब एक घंटे तक मोबाइल की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

सूचना मिलते ही संबंधित स्कूल का प्रबंधन मौके पर पहुंचा और सभी बच्चों को अपनी गाड़ियों से सुरक्षित स्कूल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि ऑटो में सवार सभी बच्चे मानीराम स्थित एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल के थे।

इस घटना के बाद ओवरलोडिंग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई स्कूलों द्वारा बच्चों को ऑटो-रिक्शा में क्षमता से अधिक बैठाकर ले जाया जाता है, जिससे इस तरह के हादसों की आशंका बनी रहती है।

मामले में चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, घायल शिक्षिका के मोबाइल को लोकेशन के आधार पर ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।

सीओ यातायात गोरखपुर विवेक कुमार तिवारी ने कहा कि बच्चों के आवागमन के लिए ऑटो के उपयोग पर प्रतिबंध है। परिवहन विभाग और स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चौरीचौरा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: होटल संचालक समेत चार गिरफ्तार, छह से पूछताछ जारी

चौरीचौरा थाना क्षेत्र से चार महीने पहले लापता हुई कक्षा 9 की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में होटल संचालक भी शामिल है। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, छात्रा नवंबर 2025 में अपने कॉलेज से अचानक लापता हो गई थी। उसके पिता, जो गुजरात में काम करते हैं, ने काफी तलाश के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

23 मार्च को पुलिस ने किशोरी को बरामद किया। मेडिकल जांच और कोर्ट में दर्ज बयान में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसे विभिन्न स्थानों और होटलों में ले जाकर कई लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल (CDR), सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें से चार आरोपियों—धर्मराज यादव (होटल संचालक), मोनू उर्फ मनीष राजभर (ऑटो चालक), किशन उर्फ बिट्टू (दिहाड़ी मजदूर) और समीर उर्फ दिलशाद—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

छह अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी

पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य छह आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने कहा कि पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

पैरवी के बावजूद सख्त कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, होटल संचालक की गिरफ्तारी के बाद कुछ प्रभावशाली लोग उसकी पैरवी के लिए थाने पहुंचे और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने किसी दबाव में आए बिना कार्रवाई जारी रखी और सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ सुधीर प्रकाश श्रीवास्तव बने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य, क्षेत्र में हर्ष की लहर

पीपीगंज गोरखपुर। बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज के पूर्व छात्र एवं जेपी इंटर कॉलेज कैम्पियरगंज के शिक्षक श्री दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव के सुपुत्र डॉ. सुधीर प्रकाश श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किए जाने पर पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से गोरखपुर जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है। वर्तमान में डॉ. श्रीवास्तव डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा, शोध और प्रशासनिक अनुभव के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली ने उन्हें यह प्रतिष्ठित दायित्व दिलाया है। उनकी नियुक्ति न केवल उनके परिवार, बल्कि बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज तथा समूचे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। डॉ. श्रीवास्तव की इस उपलब्धि से शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज के शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने इसे विद्यालय के लिए सम्मान और प्रेरणा का क्षण बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार यादव ने कहा कि आज एक बार फिर बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है। अंग्रेजी अध्यापक एवं उनके मित्र अतहर हुसैन ने कहा कि डॉ. श्रीवास्तव अपने शैक्षिक जीवन से ही मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर निरंतर ऊंचाइयों को छूते आ रहे हैं।इसके अतिरिक्त पवन पांडेय, ज्योति प्रकाश श्रीवास्तव, कमाल जावेद, डॉ. सुबोध कुमार, करुणा शंकर मिश्रा, शैलेश मणि त्रिपाठी, रवि प्रकाश सहित अन्य शिक्षकों एवं मित्रों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं हैं।

आईपीएस डॉ. कौस्तुभ गोरखपुर के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में नई जिम्मेदारी

ब्यूरो गोरखपुर। डॉ. कौस्तुभ उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक तेजतर्रार और कर्मठ अधिकारी हैं। वे मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के निवासी हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई की, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और उच्च शैक्षणिक पृष्ठभूमि को दर्शाती है। चिकित्सा क्षेत्र से प्रशासनिक सेवा में आकर उन्होंने समाज सेवा के व्यापक उद्देश्य को अपनाया और अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। डॉ. कौस्तुभ 2015 बैच के RR (Direct Recruit) आईपीएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। वे संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर, महराजगंज, सोनभद्र और वाराणसी जैसे जिलों में एसपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। गोरखपुर में उन्होंने एसपी सिटी (SP City) के रूप में कार्य करते हुए शहरी कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त वे नोएडा में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। दिसंबर 2024 से वे जौनपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत रहे, जहां अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर अंकुश तथा संगठित अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें सराहा गया। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय क्षमता और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई देती है। अब गोरखपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राजकरन नैय्यर के स्थान पर डॉ. कौस्तुभ को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में एसएसपी के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में उनसे काफी अपेक्षाएं की जा रही हैं। उनके पूर्व अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए माना जा रहा है कि वे जिले में पुलिसिंग को नई दिशा देंगे। डॉ. कौस्तुभ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 2021 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर) तथा वर्ष 2023 में डीजीएस कमेंडेशन डिस्क (गोल्ड) से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान उनके समर्पण, अनुशासन और प्रभावी नेतृत्व के प्रतीक हैं। वे अपनी सादगी, विनम्रता और पेशेवर कार्यशैली के लिए पुलिस बल और आम जनता के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी प्रशासनिक शैली में टीमवर्क, जवाबदेही और संवेदनशीलता का समावेश है। वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। गोरखपुर के नए एसएसपी के रूप में डॉ. कौस्तुभ से अपेक्षा की जा रही है कि वे अपराध नियंत्रण, सुरक्षा, साइबर अपराध रोकथाम और पुलिस-जन संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

प्रेम बना खूनी साजिश की वजह मुंबई की युवती की नृशंस हत्या, CCTV से हत्यारों तक पहुंची पुलिस


ब्यूरो गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र गोबरहिया नाले पर बने पुल के नीचे झाड़ियों में शुक्रवार की सुबह मिले निर्वस्त्र महिला के शव की पहचान मुंबई की रहने वाली 35 वर्षीय प्रिया शेट्टी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति ने ही की थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी युवक और उसके एक साथी को पुलिस ने अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को रविवार की दोपहर तक शहर लाया जाएगा, घटना के बाद पूरे पीपीगंज क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। महिला का शव जिस हालात में मिला, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। शव पूरी तरह निर्वस्त्र था और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया था, जिससे पहचान कर पाना मुश्किल हो गया था। शुरुआती जांच में ही पुलिस को यह साफ हो गया था कि यह मामला साधारण नहीं, बल्कि बेहद क्रूर और सुनियोजित हत्या का है।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग
शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच शुरू की। पीपीगंज कस्बे और आसपास के इलाकों में लगे दर्जनों कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी दौरान एक बैंक के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में नीली स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवक नजर आए। फुटेज में दोनों संदिग्ध स्कूटी पर कुछ भारी सामान ले जाते दिखाई दिए, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के जरिए संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की गई। तकनीकी जांच पूरी होते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक और उसके एक साथी को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों को रविवार की दोपहर तक गोरखपुर लाया जाएगा।

मुंबई में शुरू हुआ प्रेम प्रसंग
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका प्रिया शेट्टी और आरोपी युवक के बीच मुंबई में प्रेम प्रसंग शुरू हुआ था। आरोपी युवक मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत था। वहीं उसकी मुलाकात प्रिया शेट्टी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आपसी संबंध स्थापित हो गए। प्रेम प्रसंग परवान चढ़ने के बाद दोनों ने शादी कर ली।

ग्रामीण परिवेश में बढ़ा तनाव
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर की चकाचौंध और ग्रामीण जीवनशैली के बीच सामंजस्य न बन पाने के कारण दोनों के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। छोटी-छोटी बातों पर विवाद इतना बढ़ जाता था कि हालात तनावपूर्ण हो जाते थे। इसी दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी युवक पहले से शादीशुदा था और प्रिया से दूरी बनाना चाहता था। कुछ समय पहले आरोपी युवक मुंबई से वापस अपने गांव लौट आया था। उसने प्रिया से संपर्क कम कर दिया था, लेकिन प्रिया उससे शादी को लेकर दबाव बना रही थी। इसी सिलसिले में वह ट्रेन से पीपीगंज पहुंच गई। आरोपी ने उसे एक किराए के मकान में ठहराया और बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की।
हत्या की रची गई साजिश जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर प्रिया की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार आरोपी और उसकी पत्नी ने प्रिया को नशे की हालत में फंसाया और इसी का फायदा उठाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी ने शव की पहचान छिपाने के लिए बेहद अमानवीय तरीका अपनाया।
प्रिया के चेहरे को ईंट से कुचल दिया गया, ताकि कोई उसकी पहचान न कर सके। इसके बाद उसके कपड़े भी उतार दिए गए। शव को स्कूटी पर रखा गया और पीपीगंज थाना क्षेत्र में गोबरहिया नाले के पुल के नीचे झाड़ियों में फेंक दिया गया।

फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य
फॉरेंसिक टीम की जांच में घटनास्थल से लेकर शव मिलने की जगह तक कई जगह खून के निशान पाए गए हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या सड़क पर या किसी अन्य स्थान पर की गई और शव को दो-तीन बार में उठाकर पुल के नीचे झाड़ियों में फेंका गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुलिस की जांच को और मजबूती प्रदान की। पुलिस ने इस मामले में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। कई संदिग्धों से लंबी पूछताछ के बाद पुलिस सही आरोपियों तक पहुंच सकी। नीली स्कूटी, हत्या में प्रयुक्त ईंट और अन्य अहम साक्ष्यों की बरामदगी भी की जा रही है।

पुलिस की तत्परता से खुला राज
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों को गिरफ्तार किया, उससे कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है।
फिलहाल आरोपी और उसके साथी से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

दहशत और सबक
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रेम संबंधों में अविश्वास, धोखा और आपसी कलह जब हिंसा का रूप ले लेते हैं, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है। पीपीगंज क्षेत्र में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है, वहीं लोग मृतका को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

30 जनवरी 2026 कि रात्रि में आस पास दिखेंगे बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा

गोरखपुर। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 30 जनवरी 2026 की रात को होने वाली इस खगोलीय घटना के दौरान बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा पास दिखेंगे इस प्रकार के संयोजन को युति या कंजंक्शन कहा जाता है, उन्होंने इस खगोलीय घटना की जानकारी देते हुए बताया कि “कंजंक्शन” (Conjunction) और “निकटतम बिंदु” (Apparent Closest Approach) के समय में सूक्ष्म तकनीकी अंतर है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार इनका विवरण कुछ इस प्रकार से होता है कि खगोल विज्ञान में ‘कंजंक्शन’ तब होता है जब दो पिंडों का (सम्यक आरोहण) Right Ascension (R.A.) लगभग समान हो जाता है,खगोलविद अमर पाल सिंह ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि ‘कंजंक्शन’ बनाम ‘अप्पल्स’ (Appulse) क्या होता है।उन्होंने बताया कि यद्यपि तकनीकी युति 30 जनवरी की रात 11:54 बजे है, लेकिन दोनों पिंडों के बीच की न्यूनतम कोणीय दूरी (Minimum Angular Separation) जिसे ‘Appulse’ कहा जाता है, वह कुछ मिनटों के अंतर पर होगी, इस न्यूनतम दूरी का समय 31 जनवरी 2026 है जोकि लगभग 12:08 AM (IST) पर होगा, और इस समय दोनों के बीच की कोणीय दूरी (3 डिग्री 18 आर्क-मिनट) होगी,लेकिन अवलोकन हेतु भारत के लिए 30 जनवरी की पूरी रात यह घटना घटित होने वाली है।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जाती हुई जनवरी खगोल प्रेमियों को एक और शानदार खगोलीय घटना का आकर्षक नज़ारा देकर जा रही है, इस दौरान 30 जनवरी 2026 की रात्रि में एक और खास खगोलीय घटना होने वाली है। इस रात को चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह आस पास दिखेंगे, या यूं कहें कि दोनों खगोलीय पिंड एक-दूसरे के काफी निकट नजर आएंगे। ऐसे में इस रात आकाश में एक आकर्षक खगोलीय दृश्य नजर आयेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ख़ास बात यह होगी कि यह खगोलीय घटना मिथुन तारामंडल की पृष्ठभूमि में घटित होगी और इस दौरान दूरबीन से देखने पर बृहस्पति के चार प्रमुख चंद्रमा भी स्पष्ट देखे जा सकते हैं।

जागरोशन पब्लिक स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना गया

गोरखपुर – भटहट क्षेत्र के जंगल हरपुर में जागरोशन पब्लिक स्कूल में आज 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि श्री कमला पति त्रिपाठी बर्तमान सांसद प्रितिनिधि के द्वारा ध्वजा रोहण किया गया , ध्वजा रोहण के बाद विद्यालय के छात्र छात्राओ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया ,

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को जागरोशन पब्लिक स्कूल परिसर में देशभक्ति और उत्साह से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके उपरांत विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि श्री कमला पति त्रिपाठी वर्तमान सांसद प्रितिनिधि ने तिरंगा फहराया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक श्री हैदर अली खान, प्रधानाचार्य श्री सी पी पाण्डेय , मोहित वर्मा ,अजय सिंह ,आलोक श्रीवास्तव ,मनोज कुमार, कुमारी हर्षिता , मंजुला कुमारी मृणालनी ,जयहिंद यादव ,अभय यादव, आई टी हेड महबूब अली व् समस्त विद्यालय के अध्यापक अध्यापिकाए सहित उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने ध्वज को सलामी दी।
समारोह में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगे और ‘भारत माता की जय’ व ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा वातावरण
राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक हैदर अली खान ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों, एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री सी पी पाण्डेय , मोहित वर्मा ,अजय सिंह ,आलोक श्रीवास्तव ,मनोज कुमार, कुमारी हर्षिता , मंजुला कुमारी मृणालनी ,जयहिंद यादव ,अभय यादव, आई टी हेड महबूब अली ,सबनम खातून सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कैम्पियरगंज विधानसभा में होगा ऐतिहासिक स्वागत – फतेह बहादुर सिंह

भाजपा कार्यकर्ता करेंगे प्रदेश अध्यक्ष का सभी मंडलों में भव्य स्वागत – युधिष्ठिर सिंह

पीपीगंज गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के कैम्पियरगंज विधानसभा में प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। स्वागत कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर नगर पंचायत पीपीगंज के सभागार में विधानसभा स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कैम्पियरगंज के लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री फतेह बहादुर सिंह तथा निवर्तमान जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि यह कैम्पियरगंज क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि हमारा क्षेत्र संगठन और प्रदेश नेतृत्व दोनों का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का पनियरा और कैम्पियरगंज विधानसभा से पुराना आत्मीय लगाव रहा है और कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह स्वागत कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। वहीं निवर्तमान जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से कैम्पियरगंज विधानसभा के सभी मंडलों में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन संगठन की एकजुटता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता का प्रतीक बनेगा। बैठक में प्रमुख रूप से नगर पंचायत चेयरमैन लक्ष्मण विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष शेषमणि त्रिपाठी, पूर्वांचल विकास बोर्ड सदस्य विजय शंकर यादव, कैम्पियरगंज चेयरमैन प्रतिनिधि गोपाल सिंह, सदानंद शर्मा, मंडल अध्यक्ष पशुपतिनाथ अग्रहरि, पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष कौलबास सिंह, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष भाजपा नेता राकेश चौधरी, नरेंद्र सिंह, त्रिभुवन पासवान, राघवेंद्र चतुर्वेदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष बिंद्रासन चौधरी, चंद्र प्रकाश द्विवेदी, गणेश सहानी, धीरज मणि त्रिपाठी, राजेंद्र मद्धेशिया, रामपाल सिंह, विजय मद्धेशिया, अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिकेश पासवान, मार्कंडेय चौरसिया, दिनेश यादव (पूर्व मंडल उपाध्यक्ष), राकेश अग्रहरि, दिनेश भारती, सुरेंद्र अग्रहरि, श्रीकेश मणि, राज त्रिपाठी, उमेश पटेल, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश यादव, बृजेश मणि त्रिपाठी, लाल जी विश्वकर्मा, वेद प्रकाश दुबे, बुधिराम जायसवाल, मंडल महामंत्री अरविंद मौर्या, अजय तिवारी, परशुराम मल्ल, प्रदीप चौहान, दिवाकर चौहान, मुन्ना भारती, महेंद्र वर्मा, धर्मवीर निषाद, तारकेश्वर चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत, परिजनों का हंगामा मौके पर पहुंची पुलिस

गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित लाइफ मेडिकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान लगभग 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान श्याम लाल यादव के रूप में हुई है, जो आर्मी एवं रेल विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी मौत हुई। हंगामे की सूचना मिलते ही पीपीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद डॉक्टर को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई। वहीं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया। एडिशनल सीएमओ डॉ. के एन वनरवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैम्पियरगंज के नायब तहसीलदार प्रकाश सिंह तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विनोद वर्मा की मौजूदगी में अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल पर नोटिस चस्पा करते हुए तीन दिन के भीतर सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ जिला अस्पताल में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया। टीम कुछ महत्वपूर्ण फाइलें भी अपने साथ ले गई। सूत्रों के अनुसार, मौके पर मौजूद डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बताए जा रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक परिजनों द्वारा कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। मामले की जांच पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है।