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July 31, 2025

जिस विद्यालय में पढ़े, उसी का सम्मान किया तार-तार, शिक्षक निष्कासन पर छात्रों का उग्र विरोध

महराजगंज। महराजगंज जनपद के सिसवा बाजार स्थित चोखराज तुलस्यान सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विद्यालय प्रशासन द्वारा एक शिक्षक के निष्कासन की घोषणा के बाद छात्रों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रों ने विद्यालय परिसर में जमकर बवाल काटा और तोड़फोड़ की। जानकारी के अनुसार, सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने एक शिक्षक को विद्यालय से निष्कासित किए जाने की जानकारी छात्रों को दी। यह सुनते ही छात्र आक्रोशित हो उठे और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। छात्रों ने विद्यालय में खड़े स्कूली वाहन को नुकसान पहुँचाया, एक निजी कार के शीशे तोड़ दिए और स्कूल के ब्रेंच, गेट, खिड़की सहित अन्य सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

इतना ही नहीं, छात्रों ने विद्यालय के बाहर लगे बोर्ड और पोस्टर तक को नहीं बख्शा। उसे भी फाड़ दिया गया और ज़मीन पर गिरा दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिसवा थाने के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और संवाद की आवश्यकता पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय जैसे स्थानों पर इस प्रकार की घटनाएं न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंताजनक भी हैं।

बाजार से लौटते समय गायब हुआ चौकीदार, अगली सुबह सड़क किनारे मिला शव

महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत परतावल-पुरैना मार्ग पर ग्राम सभा चौपरिया के पास आज सुबह लगभग 6 बजे एक चौकीदार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। मृतक की पहचान चौपरिया निवासी अदालत (चौकीदार) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अदालत बुधवार की शाम अपनी बाइक से परतावल बाजार गए थे, जहाँ से उन्हें कुछ जरूरी सामान खरीदकर लौटना था। लेकिन देर रात तक वे घर नहीं पहुंचे। घर पर उनकी पत्नी निर्मला, मां और बेटी मौजूद थीं, जबकि उनके तीन बेटे रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। अदालत के देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने आसपास पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। महिलाओं ने काफी देर तक इंतजार किया, फिर थक हारकर सो गईं।अगली सुबह किसी राहगीर ने शव को सड़क किनारे पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।बताया जा रहा है कि अदालत श्यामदेउरवा थाने में बतौर चौकीदार तैनात थे। इसके साथ ही वे गांव में भजन-कीर्तन कर अपने परिवार का भरण-पोषण भी करते थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिजन गहरे शोक में हैं और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।इस मामले में थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलु से जांच कर रही है।