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July 30, 2025

जिलाधिकारी की नई पहल: अब सीधे खुद जानेंगे जनशिकायतों का हाल

महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर अनूठी पहल शुरू की है। उन्होंने स्वयं अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतें मंगाई। एक दिन में 100 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।शाम 8 बजे कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में सभी अधिशासी अभियंताओं, एसडीओ और जेई को बुलाकर तीन श्रेणियों में शिकायतों का वर्गीकरण कर निस्तारण के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तत्काल समाधान योग्य शिकायतों को 24 घंटे में हल किया जाए। बाकी मामलों में भी शिकायतकर्ता को प्रक्रिया और संभावित समयसीमा से अवगत कराएं।जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से जनता का फोन उठाएं, वरना कठोर कार्यवाही की जाएगी। सभी एक्सईएन को शिकायतों की सूची सौंपते हुए 24 घंटे में कार्यवाही रिपोर्ट देने को कहा गया।उन्होंने बताया कि इसी तरह अन्य विभागों से भी शिकायतें आमंत्रित कर स्वयं समीक्षा की जाएगी। विभागों को निर्देशित किया गया है कि यदि समाधान संभव न हो, तो शिकायतकर्ता की उचित काउंसलिंग की जाए ताकि वह अनावश्यक रूप से परेशान न हो।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि शिकायतों का समाधान प्रभावी और समयबद्ध हो, और यही प्रशासन की प्राथमिकता है।

लीवर में पल रहा था भ्रूण! बुलंदशहर में सामने आया चौंकाने वाला मामला, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने आम लोगों के साथ-साथ डॉक्टर्स को भी हैरान कर दिया है। यहां एक 30 वर्षीय महिला को पिछले दो महीने से पेट में लगातार दर्द और उल्टी की शिकायत थी। जब स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद भी उसे कोई राहत नहीं मिली, तो उसे एमआरआई जांच के लिए एक निजी सेंटर भेजा गया।जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों के होश उड़ गए। रिपोर्ट में महिला की प्रेग्नेंसी की पुष्टि तो हुई, लेकिन सबसे हैरानी की बात यह थी कि उसका गर्भाशय यानी यूट्रस पूरी तरह खाली था। दरअसल, महिला का 12 हफ्ते का भ्रूण उसके गर्भाशय में नहीं, बल्कि लीवर के दाहिनी ओर पल रहा था। और इतना ही नहीं, भ्रूण में स्पष्ट रूप से धड़कन भी मौजूद थी, यानी वह पूरी तरह जीवित था।इस मामले की पुष्टि करने वाले वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. के.के. गुप्ता ने बताया कि वे अपने पूरे करियर में पहली बार ऐसा मामला देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत दुर्लभ मामला है। अब तक पूरी दुनिया में ऐसे केवल 18 केस ही रिपोर्ट हुए हैं, और भारत में यह संभवतः पहला मामला हो सकता है।”डॉक्टरों के मुताबिक, यह स्थिति “एबडॉमिनल प्रेग्नेंसी” यानी पेट के भीतर अन्य अंग में भ्रूण के विकसित होने का मामला है, जो सामान्य गर्भावस्था से बिल्कुल अलग और जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है। फिलहाल महिला की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और विशेषज्ञों की टीम आगे की चिकित्सा प्रक्रिया पर विचार कर रही है। यह मामला मेडिकल साइंस के लिए एक गंभीर अध्ययन का विषय बन चुका है और डॉक्टरों ने इसे लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।

खलिहान की भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत

महाराजगंज। जनपद के महाराजगंज नगरपालिका क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई गई है सदरूद्दीन पुत्र बदरुद्दीन धनेवा धनेई टोला ग़बड़ूआ वार्ड नंबर 20 वीर अब्दुल हमीद नगर का स्थाई निवासी है। शिकायतकर्ता के द्वारा जनसुनवाई के माध्यम से अवैध कब्जे की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद फिरोज और नसीरुद्दीन द्वारा गाँव के खलिहान और बंजर भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष व अधिकारी, कर्मचारी से मिलीभगत कर यह अवैध निर्माण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है और तहसील एवं जिले स्तर के अधिकारियों से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।

रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत

दो व्यक्ति सीढ़ी व गुलमगर्दा बनाकर रास्ते पर कर रहे अतिक्रमण


भिटौली, महराजगंज। भिटौली थाना क्षेत्र के डेरवा मे एक व्यक्ति ने आम रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत कर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता तौहिद खान ने अपने शिकायत पत्र मे लिखा है कि गांव के मुख्य मार्ग से लेकर मस्जिद तक जाने का चार मीटर चौडा व लगभग सौ मीटर लम्बा एक आम रास्ता है। इस रास्ते से लगभग पचीस से तीस घरो के सैकड़ो लोग प्रतिदिन गुजरते है। साथ ही साथ मस्जिद तक जाने का भी यह मुख्य रास्ता है। शिकायतकर्ता ने लिखा है की गांव के ही शाकिर व तसीवर ये दोनों व्यक्ति अपने घऱ के सामने सीढ़ी व गुलमगर्दा बनाकर रास्ते का आवागमन बाधित कर दिए है। उक्त दोनों लोग न तो रास्ते का मरम्मत करने देते है औऱ न ही उक्त रास्ते पर बने नाली पर ढक्कन लगाने देते है। उस रास्ते पर लगे बिजली के पोल पर ये लोग तार भी नहीं लगाने देते है। रास्ता इतना ख़राब हो गया है कि बरसात में उस रास्ते पर आने जाने में काफ़ी कठिनाई होती है।नाली पर ढक्कन न लगने के कारण गांव के कई लोग उस नाली में गिरकर चोटिल भी हो गए है। कई बार ग्राम प्रधान ने भी उन लोगों को समझा बुझाकर रास्ता मरम्मत व निर्माण की बात किये लेकिन ग्राम प्रधान की बात भी वे लोग नहीं मानते हैँ। शिकायतकर्ता ने शीघ्र ही जिलाधिकारी से समस्या समाधान की मांग की।