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Wed. Feb 4th, 2026

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30 जनवरी 2026 कि रात्रि में आस पास दिखेंगे बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा

गोरखपुर। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 30 जनवरी 2026 की रात को होने वाली इस खगोलीय घटना के दौरान बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा पास दिखेंगे इस प्रकार के संयोजन को युति या कंजंक्शन कहा जाता है, उन्होंने इस खगोलीय घटना की जानकारी देते हुए बताया कि “कंजंक्शन” (Conjunction) और “निकटतम बिंदु” (Apparent Closest Approach) के समय में सूक्ष्म तकनीकी अंतर है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार इनका विवरण कुछ इस प्रकार से होता है कि खगोल विज्ञान में ‘कंजंक्शन’ तब होता है जब दो पिंडों का (सम्यक आरोहण) Right Ascension (R.A.) लगभग समान हो जाता है,खगोलविद अमर पाल सिंह ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि ‘कंजंक्शन’ बनाम ‘अप्पल्स’ (Appulse) क्या होता है।उन्होंने बताया कि यद्यपि तकनीकी युति 30 जनवरी की रात 11:54 बजे है, लेकिन दोनों पिंडों के बीच की न्यूनतम कोणीय दूरी (Minimum Angular Separation) जिसे ‘Appulse’ कहा जाता है, वह कुछ मिनटों के अंतर पर होगी, इस न्यूनतम दूरी का समय 31 जनवरी 2026 है जोकि लगभग 12:08 AM (IST) पर होगा, और इस समय दोनों के बीच की कोणीय दूरी (3 डिग्री 18 आर्क-मिनट) होगी,लेकिन अवलोकन हेतु भारत के लिए 30 जनवरी की पूरी रात यह घटना घटित होने वाली है।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जाती हुई जनवरी खगोल प्रेमियों को एक और शानदार खगोलीय घटना का आकर्षक नज़ारा देकर जा रही है, इस दौरान 30 जनवरी 2026 की रात्रि में एक और खास खगोलीय घटना होने वाली है। इस रात को चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह आस पास दिखेंगे, या यूं कहें कि दोनों खगोलीय पिंड एक-दूसरे के काफी निकट नजर आएंगे। ऐसे में इस रात आकाश में एक आकर्षक खगोलीय दृश्य नजर आयेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ख़ास बात यह होगी कि यह खगोलीय घटना मिथुन तारामंडल की पृष्ठभूमि में घटित होगी और इस दौरान दूरबीन से देखने पर बृहस्पति के चार प्रमुख चंद्रमा भी स्पष्ट देखे जा सकते हैं।

जिस UGC कानून को लेकर छिड़ी सियासी और सामाजिक बहस, जानिए विस्तार से

नई दिल्ली।13 जनवरी 2026 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” लागू कर दिया है। यह नियम देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होगा।इस नए विनियम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र, दिव्यांगता या किसी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार के रूप में परिभाषित किया गया है। इससे OBC वर्ग को भी स्पष्ट कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, जिसे पहले के मसौदा ढांचे की एक बड़ी कमी माना जा रहा था।पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भेदभाव, उत्पीड़न और असमान अवसरों से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं का नकारात्मक प्रभाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक माहौल और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर पड़ा है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए UGC ने वर्ष 2026 में यह नया नियम लागू किया है।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को विनियमित और विकसित करने वाली एक वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना UGC अधिनियम, 1956 के अंतर्गत की गई थी और यह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। UGC का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। आयोग का प्रमुख कार्य विश्वविद्यालयों को अनुदान प्रदान करना, शैक्षणिक मानक तय करना, पाठ्यक्रम, शिक्षक योग्यता और शोध मानकों से जुड़े नियम बनाना तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और समानता सुनिश्चित करना है।नए नियमों के तहत प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में Equal Opportunity Centre की स्थापना अनिवार्य की गई है, जो वंचित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शैक्षणिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में Equity Committee का गठन किया जाएगा, जो भेदभाव से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी।नियमों में प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें 24×7 हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई अनिवार्य की गई है। इसके अलावा संस्थानों में Equity Ambassadors और Equity Squads की व्यवस्था की गई है, जिनका कार्य समानता से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाना और निगरानी करना होगा।भेदभाव की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है ताकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के भेदभाव को नियमों के दायरे में लाया जा सके। यदि कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है तो UGC को अनुदान रोकने, मान्यता निलंबित करने या रद्द करने का अधिकार होगा।हालांकि, इस नए विनियम को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। आलोचकों का कहना है कि भेदभाव की परिभाषा बहुत व्यापक और अस्पष्ट है, जिससे शैक्षणिक मूल्यांकन या प्रशासनिक निर्णय भी विवाद के दायरे में आ सकते हैं। इसके अलावा झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान न होने से शिकायत तंत्र के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।राजनीतिक स्तर पर भी इस नियम को लेकर मतभेद देखे गए हैं। कुछ दलों और संगठनों ने इसे सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की सुरक्षा की दिशा में आवश्यक कदम बताया है, जबकि अन्य ने इसे पहचान-आधारित राजनीति को बढ़ावा देने वाला करार दिया है। कुछ राज्यों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी है।इसके बावजूद, UGC का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन से भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और भेदभाव-मुक्त बन सकेगी।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ परतावल में उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला दहन

महराजगंज/परतावल। नगर पंचायत परतावल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन हिंदू नेता काशीनाथ सिंह (पूर्व सांसद प्रतिनिधि), युवा समाजसेवी राजन वर्मा एवं विजय जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान “बांग्लादेश प्रधानमंत्री होश में आओ”, “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बांग्लादेश के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की मांग भी की।कार्यक्रम के दौरान काशीनाथ सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार गंभीर चिंता का विषय हैं और इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। वहीं समाजसेवियों ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए भारत सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।इस विरोध प्रदर्शन में संजीव कुमार, संजय जायसवाल, द्वारिका वर्मा, जनार्दन चौरसिया, छबीनाथ मद्धेशिया, नंद किशोर नायक, धनंजय तिवारी, विनय सिंह (सभासद), गणेश पांडेय, प्रभा मद्धेशिया, संतोष चौधरी, सोहन चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप, युवक पर केस दर्ज

परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग किशोरी के अपहरण का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि एक युवक ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया। इस संबंध में किशोरी की मां ने श्यामदेउरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।पीड़िता की मां द्वारा दी गई तहरीर में बताया गया है कि उनकी नाबालिग बेटी को गांव का ही एक युवक बहकाकर अपने साथ ले गया है। घटना के बाद से किशोरी का कोई पता नहीं चल पाया है। इस मामले में श्यामदेउरवा थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक शिवम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मामले की गहन जांच की जा रही है।

रास्ते के विवाद में युवक की कुल्हाड़ी से हत्या, तीन थानों की पुलिस मौके पर तैनात

महराजगंज। महराजगंज जिले के भिटौली थाना क्षेत्र स्थित भैसा गांव में रविवार देर शाम रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इसी दौरान एक पक्ष के लोगों ने प्रतिद्वंदी पक्ष के युवक पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। गंभीर चोट लगने के बाद युवक मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही एएसपी तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए और पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

छह महीने से चल रहा था रास्ते का विवाद

जानकारी के मुताबिक, मृतक विनोद तिवारी और दूसरे पक्ष के बैजनाथ वर्मा के बीच करीब छह महीने से पांच फीट चौड़े रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में दोनों तरफ से कई बार थाने में तहरीरें दी गई थीं। दोनों पक्षों के ख़िलाफ़ अब तक चार बार 151 की कार्रवाई भी हो चुकी है। दो दिन पहले थाने पर पंचायत भी बुलाई गई थी, जबकि रास्ते का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। घरों के बीच संकरे रास्ते को लेकर अक्सर कहासुनी होती रहती थी।

नोकझोंक से शुरू हुआ विवाद पहुंचा हत्या तक

रविवार शाम भी इसी मसले को लेकर कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष द्वारा कुल्हाड़ी से वार कर विनोद तिवारी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें सीएचसी परतावल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मृत्यु हो चुकी थी। घटना के बाद गांव में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कोई तहरीर नहीं मिली, कई लोग हिरासत में – एसपी

एसपी सोमेंद्र मीना ने बताया कि घटना जमीनी रंजिश का परिणाम है। इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

महराजगंज में सोमवार सुबह घना कोहरा, जनजीवन हुआ प्रभावित

महराजगंज। शहर सोमवार की सुबह घने कोहरे की मोटी परत में लिपटा नजर आया। अचानक आए इस मौसम परिवर्तन ने आम जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी। सुबह का तापमान जहाँ 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं दिन में अधिकतम तापमान केवल 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सका।

कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की गति सामान्य से काफी धीमी रही। इसके अलावा, कई स्कूल बसें देर से पहुंचीं, जिसके चलते बच्चों को समय पर तैयार होने और स्कूल पहुँचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नगर मोहल्ला निवासी राजेश कुमार के अनुसार, पिछले कई दिनों से मौसम सामान्य था, लेकिन सोमवार को अचानक बदलाव देखने को मिला। उन्होंने बताया कि यह सीजन का पहला गहरा कोहरा है, और आने वाले दिनों में मौसम में और परिवर्तन की संभावना है।

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न

बाग़ापर/महराजगंज। राजकीय हाई स्कूल बरवा राजा, महराजगंज में आज भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं महान समाज सुधारक भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक श्री सुरेन्द्र प्रसाद, श्री रामजी प्रसाद, श्री अविनाश कुमार, श्री संदीप सिंह सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण तथा भारी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन समता, न्याय, शिक्षा एवं मानवाधिकार के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को एक सशक्त आधार दिया, जिसके कारण आज देश सामाजिक न्याय की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। छात्रों को उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा, अनुशासन एवं समानता के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षकों द्वारा किया गया तथा अंत में सभी ने राष्ट्रहित एवं सामाजिक समरसता की शपथ ली।

आर के इंटरमीडिएट कॉलेज – भारत के वीर सपूतों और वीरांगनाओं के बलिदान को जीवन्त कर गए बच्चे

हरपुर तिवारी/महराजगंज। विकास खण्ड परतावल क्षेत्र के अंतर्गत स्थित आर के इंटरमीडिएट कॉलेज लक्ष्मीपुर, हरपुर चौक महराजगंज में स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर विद्यालय प्रांगण में जिला पंचायत सदस्य आशिक अली एवं पूर्व प्रधान साबिर अली ने झंडा रोहण किया, साथ ही खुर्शीद खान, प्रबंधक वालीउल्लाह खान, संरक्षक निसारुल्लाह खान व क्षेत्र के अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे। झंडा रोहण के पश्चात विद्यालय एवं क्षेत्र के सम्मानित लोगों की उपस्थिति में तिरंगा यात्रा रैली निकली गई।

रैली विद्यालय से हरपुर चौक होते हुए पेट्रोल पम्प तक जाकर पुनः वापस विद्यालय आ गई। रैली के आकर्षण का केंद्र रहा छात्राओं द्वारा भारत मां की झांकी। विद्यार्थियों और क्षेत्र के सम्मानित लोगों द्वारा विभिन्न नारों से गूंजता रहा गगन, लोगो को भारत के वीर सपूतों और वीरांगनाओं के बलिदान को जीवन्त कर गए बच्चे। इस रैली को सकुशल सम्पन्न कराने में श्यामदेउरवा पुलिस प्रशासन का भी अहम योगदान रहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने पुलिस प्रशासन, विद्यार्थियों, विद्यालय परिवार और क्षेत्र के सम्मानित जनता का भी आभार प्रकट किया।

कुशीनगर में पथरी के बहाने किसान की किडनी चोरी, निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप

कुशीनगर। जिले से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसने स्वास्थ्य महकमे और आमजन दोनों को हिलाकर रख दिया है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा बाजार स्थित न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में पथरी का ऑपरेशन कराने पहुंचे एक किसान की किडनी निकाल लिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान अलाउद्दीन का आरोप है कि वह पथरी की समस्या से पीड़ित था और इलाज के लिए उक्त अस्पताल में भर्ती हुआ था। अस्पताल के संचालक इमामुद्दीन और डॉक्टर तार मुहम्मद ने ऑपरेशन के नाम पर उसकी किडनी ही निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर संबंधित अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस सनसनीखेज घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है और लोग निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

जनपद में उर्वरक खरीद में अनियमितता, संदिग्ध किसानों और विक्रेताओं पर होगी सख्त कार्रवाई

महराजगंज। बुधवार को जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ उर्वरक उपलब्धता और वितरण की समीक्षा की। जांच में पाया गया कि भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल के अनुसार जून माह में 186 और जुलाई माह में 261 किसानों ने पॉश मशीन में कई बार अंगूठा लगाकर 01 एमटी (22 बोरी) से अधिक उर्वरक खरीदा।इसी तरह जून में 32 और जुलाई में 43 किसानों ने 1.5 एमटी (33 बोरी) से अधिक उर्वरक की खरीदारी की। प्रशासन ने ऐसे सभी किसानों की सूची तैयार कर संबंधित तहसीलों से यह जांच कराने के निर्देश दिए हैं कि खरीदी गई मात्रा उनके कृषि जोत के रकबे के अनुरूप है या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि कहीं यह खरीद अवैध भंडारण या बिक्री के उद्देश्य से तो नहीं की गई।अपनी आवश्यकता से अधिक उर्वरक लेने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और उन्हें मानक से अधिक उर्वरक बेचने वाले बिक्री केंद्रों—दोनों पर जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को पारदर्शी तरीके से, उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार, उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, किसानों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाह में आकर उर्वरक का अवैध भंडारण न करें, अन्यथा दोषी पाए जाने पर दंडित किया जाएगा।