उत्तर प्रदेश में 15 अप्रैल से सहालग शुरू होने जा रही है, ऐसे में कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों के सामने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। संजय गुप्ता ने बताया कि शादी-ब्याह के सीजन में कैटरर्स को पर्याप्त मात्रा में गैस सिलिंडर मिलना बेहद जरूरी है, ताकि आयोजन बिना बाधा के संपन्न हो सकें।
इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मुलाकात की। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (खाद्य एवं आपूर्ति) ज्योति गौतम ने भरोसा दिलाया कि सिलिंडर की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि कैटरर्स और शादी वाले परिवार शादी के कार्ड और प्री-बुकिंग के दस्तावेज के साथ जिला आपूर्ति कार्यालय या उनके कार्यालय में आवेदन करें। इसके बाद संबंधित गैस एजेंसियों को मांग भेजकर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के अध्यक्ष राघवेंद्र चौधरी, संतोष गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान, आयुष पांडेय और संजीव सिंह भी मौजूद रहे।
वहीं, विजय कुमार ने बताया कि गैस की कमी के कारण कई परिवार अपनी शादियां टालने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेहमानों के खानपान की व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है, और उनके परिचितों में कई परिवारों ने शादियां नवंबर तक के लिए टाल दी हैं।
नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता के अनुसार, इंदिरानगर और चिनहट के कुछ परिवारों ने मार्च में होने वाली शादियां गैस संकट के चलते टाल दी थीं, जो अब अप्रैल के अंत में आयोजन करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, उन्हें अभी भी सिलिंडर की उपलब्धता को लेकर आशंका बनी हुई है।
व्यापारियों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी के चलते शादियों में व्यंजनों की संख्या घटानी पड़ रही है। चाट, पावभाजी और डोसा जैसे काउंटर कम किए जा रहे हैं, क्योंकि इन पर लगातार गैस की आवश्यकता होती है। लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल भी हर जगह संभव नहीं है, क्योंकि मैरिज लॉन संचालक धुएं के कारण इस पर आपत्ति जताते हैं।

