ठंड में स्कूलों का टूर, स्वास्थ्य के लिए बढ़ता खतरा
गोरखपुर। सर्दियों में मौसम में जब तापमान लगातार गिरावट पर होता है, ऐसे समय में स्कूलों द्वारा छात्रों को शैक्षणिक टूर या भ्रमण पर ले जाना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ठंडी हवाएँ और मौसम का अचानक परिवर्तन बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण, निमोनिया जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है। कई बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे वह जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। ठंड में लंबे समय तक बाहर रहना, खुले वातावरण में भोजन करना तथा पर्याप्त गर्म कपड़ों की कमी बीमारी की संभावनाओं को और भी बढ़ा देती है। इसके अलावा, सुबह-सुबह स्कूल बसों में यात्रा के दौरान तेज हवा लगने से बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि किसी बच्चे को पहले से अस्थमा या श्वास से संबंधित समस्या है तो यह और अधिक खतरनाक हो सकता है। स्कूल प्रशासन को चाहिए कि वह ठंड के मौसम में ऐसे टूर को टाल दें या सावधानी बरतते हुए उचित सुरक्षा के साथ आयोजित करें। बच्चों को गर्म कपड़े, टोपी, मफलर आदि पहनाना अनिवार्य हो और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए। शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि। इसलिए ठंड के मौसम में स्कूलों को छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार का टूर सोच-समझकर ही करना चाहिए।
