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Fri. Mar 27th, 2026

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जिस UGC कानून को लेकर छिड़ी सियासी और सामाजिक बहस, जानिए विस्तार से

नई दिल्ली।13 जनवरी 2026 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” लागू कर दिया है। यह नियम देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होगा।इस नए विनियम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र, दिव्यांगता या किसी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार के रूप में परिभाषित किया गया है। इससे OBC वर्ग को भी स्पष्ट कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, जिसे पहले के मसौदा ढांचे की एक बड़ी कमी माना जा रहा था।पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भेदभाव, उत्पीड़न और असमान अवसरों से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं का नकारात्मक प्रभाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक माहौल और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर पड़ा है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए UGC ने वर्ष 2026 में यह नया नियम लागू किया है।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को विनियमित और विकसित करने वाली एक वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना UGC अधिनियम, 1956 के अंतर्गत की गई थी और यह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। UGC का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। आयोग का प्रमुख कार्य विश्वविद्यालयों को अनुदान प्रदान करना, शैक्षणिक मानक तय करना, पाठ्यक्रम, शिक्षक योग्यता और शोध मानकों से जुड़े नियम बनाना तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और समानता सुनिश्चित करना है।नए नियमों के तहत प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में Equal Opportunity Centre की स्थापना अनिवार्य की गई है, जो वंचित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शैक्षणिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में Equity Committee का गठन किया जाएगा, जो भेदभाव से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी।नियमों में प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें 24×7 हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई अनिवार्य की गई है। इसके अलावा संस्थानों में Equity Ambassadors और Equity Squads की व्यवस्था की गई है, जिनका कार्य समानता से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाना और निगरानी करना होगा।भेदभाव की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है ताकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के भेदभाव को नियमों के दायरे में लाया जा सके। यदि कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है तो UGC को अनुदान रोकने, मान्यता निलंबित करने या रद्द करने का अधिकार होगा।हालांकि, इस नए विनियम को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। आलोचकों का कहना है कि भेदभाव की परिभाषा बहुत व्यापक और अस्पष्ट है, जिससे शैक्षणिक मूल्यांकन या प्रशासनिक निर्णय भी विवाद के दायरे में आ सकते हैं। इसके अलावा झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान न होने से शिकायत तंत्र के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है।राजनीतिक स्तर पर भी इस नियम को लेकर मतभेद देखे गए हैं। कुछ दलों और संगठनों ने इसे सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की सुरक्षा की दिशा में आवश्यक कदम बताया है, जबकि अन्य ने इसे पहचान-आधारित राजनीति को बढ़ावा देने वाला करार दिया है। कुछ राज्यों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी है।इसके बावजूद, UGC का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन से भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और भेदभाव-मुक्त बन सकेगी।

जागरोशन पब्लिक स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना गया

गोरखपुर – भटहट क्षेत्र के जंगल हरपुर में जागरोशन पब्लिक स्कूल में आज 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि श्री कमला पति त्रिपाठी बर्तमान सांसद प्रितिनिधि के द्वारा ध्वजा रोहण किया गया , ध्वजा रोहण के बाद विद्यालय के छात्र छात्राओ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया ,

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को जागरोशन पब्लिक स्कूल परिसर में देशभक्ति और उत्साह से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके उपरांत विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि श्री कमला पति त्रिपाठी वर्तमान सांसद प्रितिनिधि ने तिरंगा फहराया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक श्री हैदर अली खान, प्रधानाचार्य श्री सी पी पाण्डेय , मोहित वर्मा ,अजय सिंह ,आलोक श्रीवास्तव ,मनोज कुमार, कुमारी हर्षिता , मंजुला कुमारी मृणालनी ,जयहिंद यादव ,अभय यादव, आई टी हेड महबूब अली व् समस्त विद्यालय के अध्यापक अध्यापिकाए सहित उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने ध्वज को सलामी दी।
समारोह में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगे और ‘भारत माता की जय’ व ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा वातावरण
राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक हैदर अली खान ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों, एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री सी पी पाण्डेय , मोहित वर्मा ,अजय सिंह ,आलोक श्रीवास्तव ,मनोज कुमार, कुमारी हर्षिता , मंजुला कुमारी मृणालनी ,जयहिंद यादव ,अभय यादव, आई टी हेड महबूब अली ,सबनम खातून सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कैम्पियरगंज विधानसभा में होगा ऐतिहासिक स्वागत – फतेह बहादुर सिंह

भाजपा कार्यकर्ता करेंगे प्रदेश अध्यक्ष का सभी मंडलों में भव्य स्वागत – युधिष्ठिर सिंह

पीपीगंज गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के कैम्पियरगंज विधानसभा में प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। स्वागत कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर नगर पंचायत पीपीगंज के सभागार में विधानसभा स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कैम्पियरगंज के लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री फतेह बहादुर सिंह तथा निवर्तमान जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि यह कैम्पियरगंज क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि हमारा क्षेत्र संगठन और प्रदेश नेतृत्व दोनों का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का पनियरा और कैम्पियरगंज विधानसभा से पुराना आत्मीय लगाव रहा है और कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह स्वागत कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। वहीं निवर्तमान जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से कैम्पियरगंज विधानसभा के सभी मंडलों में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन संगठन की एकजुटता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता का प्रतीक बनेगा। बैठक में प्रमुख रूप से नगर पंचायत चेयरमैन लक्ष्मण विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष शेषमणि त्रिपाठी, पूर्वांचल विकास बोर्ड सदस्य विजय शंकर यादव, कैम्पियरगंज चेयरमैन प्रतिनिधि गोपाल सिंह, सदानंद शर्मा, मंडल अध्यक्ष पशुपतिनाथ अग्रहरि, पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष कौलबास सिंह, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष भाजपा नेता राकेश चौधरी, नरेंद्र सिंह, त्रिभुवन पासवान, राघवेंद्र चतुर्वेदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष बिंद्रासन चौधरी, चंद्र प्रकाश द्विवेदी, गणेश सहानी, धीरज मणि त्रिपाठी, राजेंद्र मद्धेशिया, रामपाल सिंह, विजय मद्धेशिया, अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष हरिकेश पासवान, मार्कंडेय चौरसिया, दिनेश यादव (पूर्व मंडल उपाध्यक्ष), राकेश अग्रहरि, दिनेश भारती, सुरेंद्र अग्रहरि, श्रीकेश मणि, राज त्रिपाठी, उमेश पटेल, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश यादव, बृजेश मणि त्रिपाठी, लाल जी विश्वकर्मा, वेद प्रकाश दुबे, बुधिराम जायसवाल, मंडल महामंत्री अरविंद मौर्या, अजय तिवारी, परशुराम मल्ल, प्रदीप चौहान, दिवाकर चौहान, मुन्ना भारती, महेंद्र वर्मा, धर्मवीर निषाद, तारकेश्वर चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत, परिजनों का हंगामा मौके पर पहुंची पुलिस

गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित लाइफ मेडिकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान लगभग 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान श्याम लाल यादव के रूप में हुई है, जो आर्मी एवं रेल विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी मौत हुई। हंगामे की सूचना मिलते ही पीपीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद डॉक्टर को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई। वहीं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया। एडिशनल सीएमओ डॉ. के एन वनरवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैम्पियरगंज के नायब तहसीलदार प्रकाश सिंह तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विनोद वर्मा की मौजूदगी में अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल पर नोटिस चस्पा करते हुए तीन दिन के भीतर सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ जिला अस्पताल में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया। टीम कुछ महत्वपूर्ण फाइलें भी अपने साथ ले गई। सूत्रों के अनुसार, मौके पर मौजूद डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बताए जा रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक परिजनों द्वारा कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। मामले की जांच पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है।

भीषण ठंड के चलते गोरखपुर में कक्षा 1 से 10 तक के सभी विद्यालय 03 जनवरी तक बंद

गोरखपुर। गोरखपुर जनपद में लगातार बढ़ रही अत्यधिक ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों के हित में एक अहम निर्णय लिया है। जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा के निर्देश पर जनपद के सभी विद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों को 03 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश कक्षा एक से लेकर कक्षा दसवीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों पर लागू होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में ठंड का प्रकोप अत्यंत अधिक है, जिससे छोटे बच्चों एवं किशोरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी द्वारा आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अवकाश विशेष रूप से ठंड के कारण दिया गया है और इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। डीआईओएस अमरकांत सिंह ने कहा कि सभी विद्यालय प्रबंधकों और शैक्षिक संस्थानों को आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा। किसी भी स्थिति में यदि कोई विद्यालय या शिक्षण संस्थान खुला पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन स्तर से निरीक्षण एवं निगरानी भी की जाएगी ताकि आदेश की अवहेलना न हो। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें तथा अनावश्यक रूप से उन्हें घर से बाहर न भेजें। साथ ही गर्म कपड़ों का उपयोग और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनमानस से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने पर आगे की समीक्षा के बाद अगला निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल 03 जनवरी तक जनपद के सभी विद्यालय एवं शैक्षिक संस्थान बंद रहेंगे और आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पीपीगंज का बाजार नहीं, दशा व दिशा में होगा सुधार, ग्राहकों को मिलेंगी अनेकों सुविधाएं – पीपीगंज चेयरमैन लक्ष्मण विश्वकर्मा ने कहा

पीपीगंज गोरखपुर। पीपीगंज कस्बा बाजार को सुव्यवस्थित, अतिक्रमण मुक्त एवं ग्राहकों के लिए सुविधाजनक बनाने को लेकर शटर व्यापारियों और पटरी व्यापारियों के बीच पूर्ण सहमति बन गई है। नगर पंचायत पीपीगंज क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा मंदिर से लेकर पीपीगंज कस्बा पुलिस चौकी तक सड़क पर लगे अवैध दुकानों, ठेलों एवं अन्य अतिक्रमण को हटाने का आदेश प्रशासन द्वारा पहले ही जारी किया जा चुका है। इसी आदेश के अनुपालन को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन वर्मा, व्यापार मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा एवं अधिशासी अधिकारी आनंजेय मिश्रा से आग्रह किया गया था कि पीपीगंज बाजार को सुव्यवस्थित एवं अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए, जिसके लिए पूर्व में ज्ञापन भी सौंपा गया था। इसी क्रम में 30 दिसंबर, मंगलवार की शाम को पीपीगंज कस्बे में एक स्थान पर व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शटर व्यापारी एवं पटरी व्यापारी दोनों वर्गों की उपस्थिति रही। बैठक में मुख्य रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शटर व्यापारी नाली के बाहर अपना सामान नहीं रखेंगे और अपनी दुकान की सीमा के भीतर ही व्यापार करेंगे। वहीं सड़क किनारे व्यापार करने वाले पटरी व्यापारियों को नगर पंचायत पीपीगंज द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी पटरी व्यापारियों को यूनिक कार्ड जारी किए जाएंगे, जिन पर संबंधित व्यक्ति का फोटो एवं आधार कार्ड अंकित रहेगा। इससे अवैध अतिक्रमण पर नियंत्रण किया जा सकेगा और केवल पंजीकृत पटरी व्यापारी ही निर्धारित स्थानों पर व्यापार कर पाएंगे। यह व्यवस्था बाजार को अनुशासित और सुरक्षित बनाने में सहायक होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पीपीगंज बाजार बहुत पुराना बाजार है, जहां छोटे और बड़े सभी व्यापारी वर्षों से व्यापार कर रहे हैं और वे सभी से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पीपीगंज बाजार की दशा देखकर उन्हें दुख होता है, क्योंकि अन्य बाजारों की अपेक्षा यहां का व्यापार लगातार गिरावट की ओर जा रहा है, जबकि पीपीगंज बाजार के बाहर नए-नए बाजार विकसित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नए बाजारों का आना अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ ही पीपीगंज बाजार की दशा और दिशा में भी सुधार होना चाहिए। दूर-दूर से आने वाले ग्राहकों को बेहतर सुविधा मिले, यही नगर पंचायत का उद्देश्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर पंचायत “बाजार की दिशा नहीं, बल्कि दशा बदलेगी” और इसके लिए सौंदर्यीकरण, विस्तार एवं बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन वर्मा ने कहा कि सभी व्यापारियों के समर्थन से यह निर्णय लिया गया है कि शटर व्यापारी नाली के अंदर रहेंगे और पटरी व्यापारी नगर पंचायत द्वारा दिए गए चिन्हित स्थानों पर ही दुकानदारी करेंगे। ये सभी चिन्हित स्थान व्यापार मंडल एवं नगर पंचायत के संयुक्त सहयोग से व्यवस्थित किए जाएंगे, जिससे बाजार में ग्राहकों को आवागमन, खरीदारी और सुरक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर व्यापारी कालीचरण अग्रहरि, पूर्व चेयरमैन ठाकुर वर्मा, व्यापार मंडल के प्रदीप वर्मा, अशोक वर्मा, मोहित अग्रहरि, देवानंद मद्धेशिया, अमित अग्रहरि, बृजेश मद्धेशिया, प्रशांत अग्रहरि, पवन कुमार अग्रहरि, अमरनाथ मद्धेशिया, अनिल मद्धेशिया, प्रशांत मद्धेशिया, अभिमन्यु गुप्ता, मनोज कुमार, राहुल कुमार, विनोद, पवन जायसवाल, अख्तर, अशोक, जीतेन्द्र, करन, अनिल, सोहन, रोहित, राहुल मद्धेशिया, रामपलट जायसवाल सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी शटर एवं पटरी व्यापारियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष सचिन वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीपीगंज कस्बे का बाजार जल्द ही व्यवस्थित हो, इसके लिए सभी व्यापारी पूरी तरह तैयार हैं और नगर पंचायत के हर सकारात्मक प्रयास में पूरा सहयोग करेंगे।

पीपीगंज में 4 जनवरी हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर, भूमि पूजन के साथ निकली रैली

गोरखपुर। गोरखपुर जनपद के पीपीगंज में आगामी 4 जनवरी को आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आज सम्मेलन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया। पूजन कार्यक्रम में सम्मेलन के सफल आयोजन की कामना की गई। भूमि पूजन कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष राजेश मद्धेशिया, आरएसएस नगर प्रचारक रंजीत, सह नगर कार्यवाह आकाश मद्धेशिया, बौद्धिक प्रमुख आदर्श वर्धन, शारीरिक प्रमुख अनन्य प्रताप मल्ल, ज्वाइन आरएसएस प्रमुख गौतम गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय हिन्दू शक्ति सेना के युवा जिला अध्यक्ष सुजीत पाठक, राघवेंद्र सिंह मंटू, अभय सिंह, शनि जायसवाल, सुरेंद्र अग्रहरि सहित क्षेत्र के प्रमुख संत, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर प्रचारक रंजीत ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा सामाजिक एकता और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना है। पूजन के पश्चात आयोजन समिति एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पीपीगंज के प्रमुख मार्गों से एक भव्य बाइक रैली निकाली गई। रैली में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। बाइक सवार भगवा झंडे लहराते हुए “हिन्दू समाज एकता जिंदाबाद” और “धर्म एवं संस्कृति की जय” जैसे नारों के साथ सम्मेलन का संदेश जन-जन तक पहुंचाते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने रैली का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

भीषण ठंड के चलते गोरखपुर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय 31 दिसंबर तक बंद

आकाश मद्धेशिया ब्यूरो चीफ गोरखपुर।


ब्यूरो गोरखपुर। गोरखपुर जनपद में अत्यधिक ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा के निर्देश पर जनपद के सभी विद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश कक्षा एक से लेकर कक्षा बारहवीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक डा.अमरकान्त सिंह ने बताया कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसी कारण जिलाधिकारी द्वारा आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अवकाश केवल ठंड के कारण दिया गया है और इसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। डीआईओएस अमरकांत सिंह ने कहा कि सभी विद्यालय प्रबंधनों को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में विद्यालय अथवा शैक्षिक संस्थान खुले पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण भी कराया जा सकता है, ताकि आदेश की अवहेलना न हो। उन्होंने यह भी बताया कि ठंड के इस प्रकोप में छोटे बच्चों के बीमार होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय करें। मौसम सामान्य होने पर आगे की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल 31 दिसंबर तक सभी विद्यालय बंद रहेंगे और आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस मंथन-2025’ का शुभारंभ: उत्तर प्रदेश बना रूल ऑफ लॉ का सशक्त उदाहरण

आकाश मद्धेशिया ब्यूरो चीफ गोरखपुर।


गोरखपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम में सहभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के विगत साढ़े आठ वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के प्रति आमजन की सोच और परसेप्शन में सकारात्मक बदलाव आया है। आज उत्तर प्रदेश ‘रूल ऑफ लॉ’ का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल परंपरागत पुलिसिंग को ही नहीं बदला, बल्कि समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था की देश-विदेश में सराहना हो रही है, जो पुलिस सुधारों की सफलता को दर्शाती है। महाराज जी ने अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में 60,244 पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण चल रहा है। यह प्रदेश की तेज़ी से बढ़ती क्षमता और प्रगति का प्रमाण है। पुलिस सुधारों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 7 जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में साइबर थानों का गठन हो चुका है तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित की गई है। वर्ष 2017 से पहले जहां केवल 4 एफएसएल लैब थीं, वहीं अब 12 अत्याधुनिक एफएसएल लैब कार्यरत हैं और 6 नई लैब्स का निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बैरकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईराइज भवनों के रूप में विकसित किया गया है। यूपी पीआरवी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटकर मात्र 6 से 7 मिनट रह गया है। सेफ सिटी की अवधारणा के तहत 17 नगर निगमों में लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है, जो सुरक्षित और सक्षम उत्तर प्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ परतावल में उग्र प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला दहन

महराजगंज/परतावल। नगर पंचायत परतावल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन हिंदू नेता काशीनाथ सिंह (पूर्व सांसद प्रतिनिधि), युवा समाजसेवी राजन वर्मा एवं विजय जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान “बांग्लादेश प्रधानमंत्री होश में आओ”, “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बांग्लादेश के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की मांग भी की।कार्यक्रम के दौरान काशीनाथ सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार गंभीर चिंता का विषय हैं और इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। वहीं समाजसेवियों ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए भारत सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।इस विरोध प्रदर्शन में संजीव कुमार, संजय जायसवाल, द्वारिका वर्मा, जनार्दन चौरसिया, छबीनाथ मद्धेशिया, नंद किशोर नायक, धनंजय तिवारी, विनय सिंह (सभासद), गणेश पांडेय, प्रभा मद्धेशिया, संतोष चौधरी, सोहन चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।