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Mon. Apr 13th, 2026

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Maharajganj: डीएम की ऑनलाइन जनसुनवाई में अश्लील वीडियो चलने से हड़कंप, FIR दर्ज

महराजगंज। 7 अगस्त को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग की ऑनलाइन जनसुनवाई ‘ई-चौपाल’ के दौरान एक गंभीर घटना ने सभी को हैरान कर दिया। बैठक के बीच अचानक स्क्रीन पर अश्लील वीडियो चलने लगा और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।इस जनसुनवाई में सभी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मौजूद थे। बताया जाता है कि ‘जेसन जेआर’ नामक व्यक्ति ने मंच पर अश्लील वीडियो प्रदर्शित किया, जिसके तुरंत बाद ‘अर्जुन’ नामक व्यक्ति ने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी फरेन्दा, सुदामा प्रसाद ने कोतवाली में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।साइबर टीम कर रही जांच

सदर कोतवाल सत्येन्द्र राय ने बताया कि मामले की जांच साइबर थाने की मदद से की जा रही है। तकनीकी माध्यमों से आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न केवल प्रशासनिक बैठक की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है, बल्कि गंभीर साइबर अपराध भी है। जिला प्रशासन ने इसे संवेदनशील मानते हुए तत्काल सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए बच्चों की जागरूकता रैली

परतवाल। महराजगंज के श्यामदेउरवा क्षेत्र स्थित मदरसा अहले सुन्नत मिफ़्ताहुल कुरआन बैजौली में सोमवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जागरूकता रैली आयोजित की गई। रैली में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने हाथों में तख्तियां और बैनर थामे जोरदार नारे लगाए—

“फाइलेरिया मिटाओ, देश को बचाओ!”

“साफ-सफाई अपनाओ, मच्छर भगाओ!”

“दवा खाओ, फाइलेरिया मिटाओ!”

इस अवसर पर मदरसा प्रधानाचार्य अब्दुल मुस्तफा खान, सभी शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। रैली के माध्यम से लोगों से मच्छरों से बचाव, समय पर दवा सेवन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की गई, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

मुंबई में काम के दौरान ऊंचाई से गिरने से बिहार के युवक की मौत

मुंबई में एक दर्दनाक हादसे में बिहार के चौक बाजार थाना क्षेत्र के कुइयां उर्फ महेशपुर टोला जमुनहिया के 22 वर्षीय युवक रामकिशुन की मौत हो गई। रामकिशुन मजदूरी के सिलसिले में मुंबई में काम करता था। बृहस्पतिवार को काम के दौरान अचानक पैर फिसलने से वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही बड़े भाई राजाराम तुरंत मुंबई पहुंचे और रविवार को एंबुलेंस से भाई का शव लेकर गांव लौटे। रामकिशुन की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। घटना की सूचना पर स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।

परतावल सीएचसी का निरीक्षण करती नजर आईं महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, मरीजों से जाना हाल

परतावल/महराजगंज। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने मंगलवार को परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और महिला मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। कुछ मरीजों ने डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति पर सवाल उठाए, जिस पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी को चेतावनी देते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, प्रसव कक्ष की स्थिति, दवाओं के भंडारण और स्टाफ की उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की।चारु चौधरी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। अगर कहीं लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। उन्होंने महिला मरीजों से भी बातचीत की और उनकी सुरक्षा व इलाज को लेकर संतोषजनक व्यवस्था होने पर संतोष जताया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, सीएचसी प्रभारी, महिला आयोग की टीम और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष के इस दौरे को क्षेत्रीय जनता ने गंभीरता से लिया और अस्पताल प्रबंधन में सुधार की उम्मीद जताई है।

नगर पंचायत की लापरवाही से हादसा टला, खुली नाली में गिरी मासूम बच्ची

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो, जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल

परतावल/महराजगंज। नगर पंचायत परतावल की घोर लापरवाही एक बड़ी घटना का कारण बनते-बनते रह गई। वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर में गुरुवार की सुबह एक मासूम बच्ची NH-730 के किनारे बनी खुली नाली में जा गिरी। सौभाग्य से उसके बड़े भाई की सतर्कता के चलते समय रहते उसे बाहर निकाल लिया गया और उसकी जान बच गई।जानकारी के अनुसार, नाली पर लगे स्लैब को तीन दिन पहले हटा दिया गया था लेकिन नगर पंचायत द्वारा अब तक उसे ढंका नहीं गया था। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की, पर किसी ने सुध नहीं ली। खुले नाले के चलते आए दिन राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को जब यह बच्ची नाली के पास खेल रही थी, तभी असंतुलित होकर खुले गड्ढे में जा गिरी। उसके भाई ने तत्काल उसे खींचकर बाहर निकाला, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग नगर पंचायत की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर नाली खुली छोड़ने के पीछे कोई कारण था, तो उस पर चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग तो लगानी चाहिए थी। बच्ची की जान जाते तो क्या प्रशासन इसके लिए जवाबदेह होता? अब सवाल यह उठता है कि क्या नगर पंचायत की लापरवाही इसी तरह लोगों की जान जोखिम में डालती रहेगी? कब होगी ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई?

जिनके लौटने का इंतजार था, अब वो कभी नहीं आएंगे: परतावल हादसे ने बुझा दिए तीन घरों के चिराग

परतावल,महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के सेमरा चदरौली के पास शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रात करीब 10 बजे हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।मृतकों की पहचान राजन (22) पुत्र अनिरुद्ध और आनंद (24) पुत्र अशोक के रूप में हुई है, जो नगर पंचायत परतावल के वार्ड संख्या 15 धर्मनता टोला के निवासी थे। तीसरे मृतक तबारक (25) पुत्र वासिउल्लाह निवासी परसा खुर्द थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजन और आनंद बाइक से महराजगंज से लौट रहे थे, वहीं अरमान (26) पुत्र महबूब अंसारी निवासी परसा खुर्द और तबारक दूसरी बाइक से अपने घर जा रहे थे। सेमरा चदरौली के पास दोनों बाइकों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि राजन और तबारक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आनंद ने इलाज के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। अरमान को गंभीर हालत में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।घटना की सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

परतावल: अतिक्रमण हटाओ अभियान, प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर चलाया बुलडोजर

महराजगंज। नगर पंचायत परतावल क्षेत्र के अहिल्याबाई वार्ड में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की टीम, राजस्व व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।बताया गया कि यह जमीन वैध भूमिधर की थी, जिस पर कुछ लोगों ने अस्थायी झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लिया था। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर के माध्यम से अवैध निर्माण को कुछ ही मिनटों में धराशायी कर दिया और भूमि को कब्जा मुक्त कराकर मूल मालिक को सौंप दिया।कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशानुसार की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।

जिस विद्यालय में पढ़े, उसी का सम्मान किया तार-तार, शिक्षक निष्कासन पर छात्रों का उग्र विरोध

महराजगंज। महराजगंज जनपद के सिसवा बाजार स्थित चोखराज तुलस्यान सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विद्यालय प्रशासन द्वारा एक शिक्षक के निष्कासन की घोषणा के बाद छात्रों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रों ने विद्यालय परिसर में जमकर बवाल काटा और तोड़फोड़ की। जानकारी के अनुसार, सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने एक शिक्षक को विद्यालय से निष्कासित किए जाने की जानकारी छात्रों को दी। यह सुनते ही छात्र आक्रोशित हो उठे और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। छात्रों ने विद्यालय में खड़े स्कूली वाहन को नुकसान पहुँचाया, एक निजी कार के शीशे तोड़ दिए और स्कूल के ब्रेंच, गेट, खिड़की सहित अन्य सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

इतना ही नहीं, छात्रों ने विद्यालय के बाहर लगे बोर्ड और पोस्टर तक को नहीं बख्शा। उसे भी फाड़ दिया गया और ज़मीन पर गिरा दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिसवा थाने के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और संवाद की आवश्यकता पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय जैसे स्थानों पर इस प्रकार की घटनाएं न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंताजनक भी हैं।

बाजार से लौटते समय गायब हुआ चौकीदार, अगली सुबह सड़क किनारे मिला शव

महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत परतावल-पुरैना मार्ग पर ग्राम सभा चौपरिया के पास आज सुबह लगभग 6 बजे एक चौकीदार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। मृतक की पहचान चौपरिया निवासी अदालत (चौकीदार) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अदालत बुधवार की शाम अपनी बाइक से परतावल बाजार गए थे, जहाँ से उन्हें कुछ जरूरी सामान खरीदकर लौटना था। लेकिन देर रात तक वे घर नहीं पहुंचे। घर पर उनकी पत्नी निर्मला, मां और बेटी मौजूद थीं, जबकि उनके तीन बेटे रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। अदालत के देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने आसपास पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। महिलाओं ने काफी देर तक इंतजार किया, फिर थक हारकर सो गईं।अगली सुबह किसी राहगीर ने शव को सड़क किनारे पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।बताया जा रहा है कि अदालत श्यामदेउरवा थाने में बतौर चौकीदार तैनात थे। इसके साथ ही वे गांव में भजन-कीर्तन कर अपने परिवार का भरण-पोषण भी करते थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिजन गहरे शोक में हैं और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।इस मामले में थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलु से जांच कर रही है।

जिलाधिकारी की नई पहल: अब सीधे खुद जानेंगे जनशिकायतों का हाल

महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर अनूठी पहल शुरू की है। उन्होंने स्वयं अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतें मंगाई। एक दिन में 100 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।शाम 8 बजे कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में सभी अधिशासी अभियंताओं, एसडीओ और जेई को बुलाकर तीन श्रेणियों में शिकायतों का वर्गीकरण कर निस्तारण के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तत्काल समाधान योग्य शिकायतों को 24 घंटे में हल किया जाए। बाकी मामलों में भी शिकायतकर्ता को प्रक्रिया और संभावित समयसीमा से अवगत कराएं।जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से जनता का फोन उठाएं, वरना कठोर कार्यवाही की जाएगी। सभी एक्सईएन को शिकायतों की सूची सौंपते हुए 24 घंटे में कार्यवाही रिपोर्ट देने को कहा गया।उन्होंने बताया कि इसी तरह अन्य विभागों से भी शिकायतें आमंत्रित कर स्वयं समीक्षा की जाएगी। विभागों को निर्देशित किया गया है कि यदि समाधान संभव न हो, तो शिकायतकर्ता की उचित काउंसलिंग की जाए ताकि वह अनावश्यक रूप से परेशान न हो।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि शिकायतों का समाधान प्रभावी और समयबद्ध हो, और यही प्रशासन की प्राथमिकता है।