December 28, 2025

भीषण ठंड के चलते गोरखपुर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय 31 दिसंबर तक बंद

आकाश मद्धेशिया ब्यूरो चीफ गोरखपुर।


ब्यूरो गोरखपुर। गोरखपुर जनपद में अत्यधिक ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा के निर्देश पर जनपद के सभी विद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश कक्षा एक से लेकर कक्षा बारहवीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक डा.अमरकान्त सिंह ने बताया कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसी कारण जिलाधिकारी द्वारा आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अवकाश केवल ठंड के कारण दिया गया है और इसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। डीआईओएस अमरकांत सिंह ने कहा कि सभी विद्यालय प्रबंधनों को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में विद्यालय अथवा शैक्षिक संस्थान खुले पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण भी कराया जा सकता है, ताकि आदेश की अवहेलना न हो। उन्होंने यह भी बताया कि ठंड के इस प्रकोप में छोटे बच्चों के बीमार होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय करें। मौसम सामान्य होने पर आगे की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल 31 दिसंबर तक सभी विद्यालय बंद रहेंगे और आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस मंथन-2025’ का शुभारंभ: उत्तर प्रदेश बना रूल ऑफ लॉ का सशक्त उदाहरण

आकाश मद्धेशिया ब्यूरो चीफ गोरखपुर।


गोरखपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम में सहभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के विगत साढ़े आठ वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के प्रति आमजन की सोच और परसेप्शन में सकारात्मक बदलाव आया है। आज उत्तर प्रदेश ‘रूल ऑफ लॉ’ का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल परंपरागत पुलिसिंग को ही नहीं बदला, बल्कि समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था की देश-विदेश में सराहना हो रही है, जो पुलिस सुधारों की सफलता को दर्शाती है। महाराज जी ने अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में 60,244 पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण चल रहा है। यह प्रदेश की तेज़ी से बढ़ती क्षमता और प्रगति का प्रमाण है। पुलिस सुधारों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 7 जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में साइबर थानों का गठन हो चुका है तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित की गई है। वर्ष 2017 से पहले जहां केवल 4 एफएसएल लैब थीं, वहीं अब 12 अत्याधुनिक एफएसएल लैब कार्यरत हैं और 6 नई लैब्स का निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बैरकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईराइज भवनों के रूप में विकसित किया गया है। यूपी पीआरवी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटकर मात्र 6 से 7 मिनट रह गया है। सेफ सिटी की अवधारणा के तहत 17 नगर निगमों में लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है, जो सुरक्षित और सक्षम उत्तर प्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।