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Wed. Feb 4th, 2026

लखनऊ

पुलिस मंथन-2025’ का शुभारंभ: उत्तर प्रदेश बना रूल ऑफ लॉ का सशक्त उदाहरण

आकाश मद्धेशिया ब्यूरो चीफ गोरखपुर।


गोरखपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम में सहभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के विगत साढ़े आठ वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के प्रति आमजन की सोच और परसेप्शन में सकारात्मक बदलाव आया है। आज उत्तर प्रदेश ‘रूल ऑफ लॉ’ का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल परंपरागत पुलिसिंग को ही नहीं बदला, बल्कि समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था की देश-विदेश में सराहना हो रही है, जो पुलिस सुधारों की सफलता को दर्शाती है। महाराज जी ने अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में 60,244 पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण चल रहा है। यह प्रदेश की तेज़ी से बढ़ती क्षमता और प्रगति का प्रमाण है। पुलिस सुधारों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 7 जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में साइबर थानों का गठन हो चुका है तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित की गई है। वर्ष 2017 से पहले जहां केवल 4 एफएसएल लैब थीं, वहीं अब 12 अत्याधुनिक एफएसएल लैब कार्यरत हैं और 6 नई लैब्स का निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बैरकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईराइज भवनों के रूप में विकसित किया गया है। यूपी पीआरवी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटकर मात्र 6 से 7 मिनट रह गया है। सेफ सिटी की अवधारणा के तहत 17 नगर निगमों में लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है, जो सुरक्षित और सक्षम उत्तर प्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विपक्ष के PDA पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का तीखा हमला, बोले—यह पारिवारिक दल एलायंस है

आकाश मद्धेशिया ब्यूरो चीफ गोरखपुर।

गोरखपुर/लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंगलवार को पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इसका असली मतलब “पारिवारिक दल एलायंस” है। पंकज चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी सहित पूरा विपक्ष परिवारवाद की राजनीति पर चलता है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर इन राजनीतिक परिवारों के बाहर का कोई व्यक्ति अध्यक्ष या बड़ा पद पाना चाहता है तो उसे अगला जन्म लेना होगा, और वह भी उसी राजनीतिक परिवार में। तभी उसे अवसर मिल पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का लगभग सभी राज्यों में परिवारवादी दलों से ही गठबंधन है, जिससे उनकी मंशा साफ दिखाई देती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा, “अगर अखिलेश यादव वास्तव में PDA की राजनीति करते हैं तो उन्होंने आजम खान को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया?” उनका इशारा साफ था कि विपक्ष में परिवार के बाहर किसी को बड़ा अवसर नहीं दिया जाता, चाहे वह कितना ही वरिष्ठ या सक्षम क्यों नn हो। संगठन को लेकर अपने इरादे स्पष्ट करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके पास 35 वर्षों का राजनीतिक अनुभव है और वे इस अनुभव का उपयोग संगठन को और अधिक मजबूत बनाने में करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि हैं और वे सभी को साथ लेकर चलेंगे। संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस दौरान पंकज चौधरी ने पार्टी के आगामी तीन प्रमुख कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला कार्यक्रम 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित किया जाएगा। इसी दिन से 31 दिसंबर तक सुशासन सप्ताह मनाया जाएगा, जिसके तहत सभी विधानसभाओं में अटल स्मृति कार्यक्रम होंगे। दूसरा कार्यक्रम वीर बाल दिवस से संबंधित होगा, जिसमें गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की वीरता और बलिदान की गाथा समाज के निचले स्तर तक पहुंचाई जाएगी और स्कूलों में बच्चों को यह इतिहास बताया जाएगा। तीसरा कार्यक्रम चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ा है। पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा के सभी कार्यकर्ता चुनाव आयोग को पूरा सहयोग देंगे और मतदाता सूची को शुद्ध व सटीक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित, सह मीडिया प्रभारी हिमांशु दुबे और प्रदेश प्रवक्ता समीर सिंह भी उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, 60 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

लखनऊ। भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। बीते कुछ दिनों से कई जिलों में बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है और ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को प्रदेश के 60 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश के आसार हैं। साथ ही तूफान और वज्रपात को लेकर भी येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, अगले तीन दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इन जिलों में बरस सकते हैं बादल
लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा, मथुरा, अमेठी, अलीगढ़, मेरठ, झांसी, ललितपुर, मैनपुरी, बरेली, रामपुर, मुजफ्फरनगर, कन्नौज, इटावा, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर, बलिया, मऊ, सोनभद्र, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, प्रयागराज, महराजगंज, कुशीनगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ समेत आसपास के जिलों में तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह परिवर्तन 6 मई तक बना रह सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

लखनऊ में चीन के एचएमपीवी वायरस ने दी दस्तक, महिला की जांच में पॉजिटिव पाया गया

लखनऊ। चीन के ह्युमन मेटा न्यूमो वायरस (एचएमपीवी) ने अब लखनऊ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। शहर की एक 60 वर्षीय महिला की जांच के बाद निजी लैब ने उन्हें एचएमपीवी पॉजिटिव पाया। महिला को पहले चरक अस्पताल में भर्ती किया गया था, बाद में रात 11 बजे उन्हें बलरामपुर अस्पताल में एडमिट किया गया। महिला का नमूना आगे की जांच के लिए केजीएमयू भेजा गया है, और उन्हें अस्पताल के वार्ड नंबर 11 में आइसोलेशन में रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग इस वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क हो गया है। बुधवार तक देश में कुल 11 मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस वायरस से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह आमतौर पर सर्दी के मौसम में फैलता है और इससे जुकाम, बुखार, खांसी और सीने में जकड़न जैसे लक्षण होते हैं। इससे बचाव के लिए ठंड के बावजूद पर्याप्त पानी पीना, मास्क पहनना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाना जैसे उपाय अपनाने चाहिए।

एचएमपीवी वायरस का परिचय

एचएमपीवी, न्यूमोविरडी वायरस परिवार का हिस्सा है और यह पिछले 60 वर्षों से वातावरण में मौजूद है, हालांकि इसकी पहचान बाद में हुई। यह वायरस मौसमी बीमारी की श्रेणी में आता है और आमतौर पर इसके लक्षणों का पता नहीं चलता। एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है। इसकी पहली पहचान 2001 में नीदरलैंड में बच्चों में हुई थी। इसके बाद, 2003 में भारत में भी इसका पहली बार पता चला था, जब बीजे मेडिकल कॉलेज और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे ने बच्चों में इसके संक्रमण की पुष्टि की थी।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ की तैयारियां शुरू, 10-12 जनवरी को होंगे भव्य कार्यक्रम

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्षगांठ को प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जो 10 से 12 जनवरी 2024 तक तीन दिवसीय उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

राम मंदिर ट्रस्ट ने कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो उत्सव के प्रत्येक दिन के आयोजन की योजना बना रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी, जो द्वादशी तिथि पर थी। इस बार द्वादशी तिथि 11 जनवरी को पड़ रही है, इसलिए इसे प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाएगा।

तीन दिवसीय इस उत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना होगी। दिन में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ रात में भी विशेष आयोजन होंगे। इस आयोजन को लेकर तैयारियों की जिम्मेदारी एक चार सदस्यीय टीम को सौंपी गई है, जो उत्सव की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रही है।

कुंभ मेले के लिए विशेष व्यवस्थाएं

डॉ. अनिल मिश्र ने यह भी जानकारी दी कि आगामी कुंभ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने वाले हैं। काशी, प्रयागराज और अयोध्या का एक खास धार्मिक कॉरिडोर बनेगा, जिससे श्रद्धालु काशी के बाद प्रयागराज और फिर अयोध्या भी जाएंगे। इसके मद्देनज़र, राम मंदिर ट्रस्ट प्रशासन के साथ मिलकर श्रद्धालुओं के लिए सुलभ दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है, ताकि उन्हें रामलला के दर्शन में कोई कठिनाई न हो।

इस प्रकार, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ और कुंभ मेले को लेकर अयोध्या में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक और भव्य बनने की उम्मीद है।

CM योगी ने मंत्रियों को दी बड़ी जिम्मेदारी, अलग-अलग राज्यों में बाटेंगे महाकुंभ का न्यौता

उत्तर प्रदेश। महाकुंभ 2025 की तैयारियां अब अंतिम चरण में है। सीएम योगी ने अपने मंत्रियों को शुभचिंतकों और खास मेहमानों को महाकुंभ की साक्षी बनाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही उनको पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण के सभी राज्यों और वहां के प्रमुखों को प्रयागराज महाकुंभ में आने का निवेदन करने के लिए कहा है।

प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य को दक्षिण की जिम्मेदारी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गईं है। वरिष्ठ मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को मध्य प्रदेश और मंत्री एके शर्मा महाकुंभ 2025 का निमंत्रण देने गुजरात पहुंचेंगे। गुरुवार से सभी मंत्री अपने अपने चिन्हित प्रदेशों के लिए रवाना होंगे। महाकुंभ के जरिए योगी सरकार अपना विकास और अतिथि सत्कार भाव अन्य प्रदेशों से आए विशिष्टजनों को दिखाना चाहती हैं। ऐसे में सरकार ने अपने वरिष्ठ मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। जिससे कि महाकुंभ में सबकी आस्था का परिणाम निकल सके।

उत्तर प्रदेश सरकार महाकुंभ 2025 के ज़रिए अपनी पर्यटन की सम्भावनाओं को भी धार देने की कवायद कर रही है। इसलिए प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं के साथ सेल्फी पॉइंट और अन्य अवस्थापना सुविधा को विकसित किया गया है। 13 जनवरी से आस्था का महापर्व महाकुंभ शुरू हो जाएगा। जिसके लिए योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को 30 दिसम्बर तक भ्रमण कर अलग अलग राज्यो के प्रतिनिधियों को निमंत्रण देने का टास्क दिया गया है। जिसके तहत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को तेलंगाना जाएंगे।

इन मंत्रियों को भी मिली जिम्मेदारी

  • मंत्री ओम प्रकाश राजभर सिक्किम
  • मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु त्रिपुरा
  • राकेश सचान, दयाशंकर सिंह बिहार-पश्चिम बंगाल

सीएम बोले: लव जिहाद, ईव टीजिंग होने पर सिपाही से सीओ तक होंगे जवाबदेह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि लव जिहाद, ईव टीजिंग और चेन स्नेचिंग की घटना होने पर बीट सिपाही से लेकर डिप्टी एसपी (सीओ) तक की जवाबदेही तय की जाएगी। रविवार को अपने सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था, त्योहार, विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान चेताया कि शासन स्तर पर रोजाना हर जिले की समीक्षा हो रही है। हर अधिकारी की गतिविधि की भी सीधी निगरानी हो रही है। जन शिकायतों के निस्तारण में देरी और मिथ्या रिपोर्ट लगाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

योगी ने कहा कि बीते वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हुए हैं। आगे बारावफात, अनंत चतुदर्शी के बाद पितृ पक्ष है। वहीं 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, विजयादशमी है। यह समय संवेदनशील है, लिहाजा सतर्क एवं सावधान रहना होगा। इस दौरान शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने वालों से कठोरता से निपटें। दूसरे संप्रदाय के लोगों को उत्तेजित करने का कुत्सित प्रयास करने वालों पर नजर रखें। पिछले अनुभवों को ध्यान में रखकर सुरक्षा इंतजाम करें। कहीं भी सड़क किनारे बाइक, कार, टैक्सी की पार्किंग न हो। स्ट्रीट वेंडरों का व्यवस्थापन कराएं। अवैध टैक्सी स्टैंडों पर कार्रवाई जारी रहे। इस दौरान शासन स्तर के अधिकारियों के साथ सभी मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीएम, एसपी और जिलों में फील्ड में तैनात अधिकारी मौजूद रहे।

निर्माणाधीन सचिवालय पर बुलडोजर चलने की सूचना पर ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

भिटौली, महराजगंज। विकासखंड घुघुली के ग्राम पंचायत बरगदही में प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन सचिवालय को तोड़ने की सूचना पर मौके पर ग्रामीण एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि पुराना सचिवालय पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। अप्रैल माह में पुराना पंचायत भवन तोड़कर नया पंचायत भवन का प्रस्ताव पास कराया गया था। पंचायत भवन के बगल में ही बहुत पहले से होलिका दहन किया जाता रहा है। कुछ ग्रामीणों की मांग पर सचिवालय एवं होलिका दहन के स्थान को अप्रैल माह में ही पैमाइश कराकर चिन्हित कर दिया गया था। चिन्हित जगह पर ही सचिवालय का निर्माण किया जा रहा था। सचिवालय पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। केवल छत लगाना बाकी है। ऐसे में प्रशासन द्वारा अचानक सचिवालय को तोड़कर गिराने की सूचना पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए एवं मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। आला अधिकारियों की सूचना पर हल्का लेखपाल, सेक्रेटरी तथा पुलिस फोर्स मौजूद रही। अचानक प्रशासन ने निर्माणाधीन सचिवालय को तोड़े जाने का निर्णय वापस ले लिया । प्रदर्शनकारियों में अदालत हुसैन, मोहम्मद नौशाद, समसुल वरा, मुंशी राज , रियाज आलम , प्रमोद गौतम, विश्वनाथ गौतम रामबचन, तथा मनोज सहित सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे। बरगदही में अचानक निर्माणाधीन सचिवालय को तोड़े जाने की सूचना पर ग्राम प्रधान इरफान खान की तबीयत खराब हो गई । उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। प्रधान प्रतिनिधि इमरान खान ने बताया कि अचानक निर्माणाधीन सचिवालय को तोड़े जाने की सूचना पर ग्राम प्रधान इरफान खान की तबीयत खराब हो गई। उन्होंने बताया कि बिना भुगतान के निर्माणाधीन सचिवालय को तोड़े जाने की सूचना मिली। सचिवालय के निर्माण में अब तक लगभग 10 लाख से ऊपर की लागत लग चुका है। ऐसे में बिना भुगतान के सचिवालय को तोड़े जाने की सूचना पर ग्राम प्रधान की तबीयत खराब हो गई।

विभाजन विभीषिका स्मृति की मौन पद यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी, प्रदर्शनी भी देखी

लखनऊ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बुधवार को मनाया गया। इसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति मौन पदयात्रा’ निकली। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। इसके बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रतिमा स्थल से प्रारंभ होकर पदयात्रा लोकभवन तक पहुंची।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथ में तख्ती लेकर चल रहे थे। इसमें त्रासदी का दंश झेलने वालों की पीड़ा बयां थी। लोकभवन में पहुंचने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन विभीषिका की त्रासदी पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

विभाजन विभीषिका स्मृति मौन पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, बलवीर सिंह औलख,  विधायक योगेश शुक्ल, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, अनूप गुप्ता, उमेश द्विवेदी, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य मौजूद रहे।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2023 रद्द: जानें दोबारा फिर से कब होगा एग्जाम

लखनऊ। हाल में आयोजित हुए यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा को पेपर लीक होने की खबरों के बाद रद्द कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, छह माह के अंदर ही पूर्ण शुचिता के साथ परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा की गोपनीयता भंग करने वाले एसटीएफ की रडार पर हैं। 

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। युवाओं की मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दशा में बख्शे नहीं जाएंगे। ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी तय है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 17 और 18 फरवरी को आयोजित पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को रद्द करते हुए अगले छह माह के अंदर पूरी शुचिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उक्त परीक्षा के संबंध में जारी एसटीएफ की जांच और अब तक की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया।