गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र में खेत को लेकर हुए विवाद के बाद घायल दो सगे भाइयों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और किडनी निकालने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को संभाला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, मंझरिया बड़गो गांव निवासी अक्षयवर निषाद (45) और उनके भाई पप्पू निषाद (40) का 28 अप्रैल की सुबह पड़ोसियों से खेत को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया, जिसमें दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालांकि, परिजन उन्हें वहां न ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिए।
परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान सुबह करीब 11 बजे पप्पू निषाद की मौत हो गई। वहीं, आरोप है कि रात करीब 10:30 बजे डॉक्टरों ने अक्षयवर निषाद की हालत गंभीर बताकर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन उस समय तक उनकी मौत हो चुकी थी और अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सिर में चोट होने के बावजूद अस्पताल में पेट का ऑपरेशन किया गया, जिससे उन्हें आशंका है कि कहीं किडनी तो नहीं निकाल ली गई। इसी को लेकर अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा चलता रहा।
मामले की सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

