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Fri. May 1st, 2026

May 2026

खेत विवाद के बाद दो सगे भाइयों की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही और किडनी निकालने का आरोप

गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र में खेत को लेकर हुए विवाद के बाद घायल दो सगे भाइयों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और किडनी निकालने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को संभाला और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, मंझरिया बड़गो गांव निवासी अक्षयवर निषाद (45) और उनके भाई पप्पू निषाद (40) का 28 अप्रैल की सुबह पड़ोसियों से खेत को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया, जिसमें दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालांकि, परिजन उन्हें वहां न ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिए।

परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान सुबह करीब 11 बजे पप्पू निषाद की मौत हो गई। वहीं, आरोप है कि रात करीब 10:30 बजे डॉक्टरों ने अक्षयवर निषाद की हालत गंभीर बताकर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन उस समय तक उनकी मौत हो चुकी थी और अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सिर में चोट होने के बावजूद अस्पताल में पेट का ऑपरेशन किया गया, जिससे उन्हें आशंका है कि कहीं किडनी तो नहीं निकाल ली गई। इसी को लेकर अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा चलता रहा।

मामले की सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्मार्ट मीटर के खिलाफ उग्र हुआ ग्रामीणों का प्रदर्शन, मीटर उखाड़कर जताया विरोध

आगरा। अकोला कस्बा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह स्मार्ट मीटरों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटरों को निकालकर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिलों में गड़बड़ी और ज्यादा वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

प्रदर्शन में महिलाओं की भी अच्छी-खासी भागीदारी रही। ग्रामीण पहले देवी मंदिर पर जुटे और वहां से जुलूस निकालते हुए बाजार होते हुए बिजलीघर पहुंचे। वहां उन्होंने उखाड़े गए मीटरों को एक जगह जमा कर जोरदार प्रदर्शन किया।

इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष लवानिया ने किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए और बिजली बिलों में हो रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

दहेज हत्या के आरोप में कब्र से निकाला गया शव, कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

निचलौल थाना क्षेत्र के मटरा धमउर गांव में शुक्रवार को दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से शव बाहर निकलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई।

एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता के अनुसार, जटहा बाजार निवासी अलीहसन की शिकायत पर 26 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में मटरा धमउर के गुलशन, फिरोज, ईशा, अफरोज और फैयाज अंसारी को दहेज हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में नामजद किया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी हसीरुन निशा की शादी 25 फरवरी 2021 को फैयाज अंसारी से हुई थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे—नाजिया और इब्राहिम—हुए। आरोप है कि पति, जो विदेश में रहता है, दहेज को लेकर फोन पर अक्सर प्रताड़ित करता था।

परिजनों का आरोप है कि 22 अप्रैल की रात ससुराल पक्ष के लोगों ने हसीरुन निशा की गला दबाकर हत्या कर दी और बिना सूचना दिए शव को दफना दिया। इस मामले में एक वीडियो का भी हवाला दिया गया है, जिसमें हत्या से जुड़े संकेत होने की बात कही जा रही है।

थाना प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन मिश्र ने बताया कि अदालत के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराई गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

डीजल न मिलने पर किसान सड़क पर लेटा, लगा जाम; गन्ने की फसल सूखने का आरोप

निचलौल क्षेत्र में डीजल की किल्लत को लेकर एक किसान ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। चिउटहा-निचलौल मार्ग पर खोन्हौली गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल न मिलने से नाराज किसान सड़क पर लेट गया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सड़क पर विरोध कर रहे किसान की पहचान कोठीभार थाना क्षेत्र के रामपुरवा निवासी मोहन गुप्ता के रूप में हुई है। किसान का कहना है कि उनके खेत में खड़ी गन्ने की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने लगी है। इसी चिंता में वे डीजल लेने पेट्रोल पंप पहुंचे थे।

किसान ने आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार निवेदन कर सिर्फ पांच लीटर डीजल देने की मांग की, लेकिन पंप कर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनी। इससे नाराज होकर उन्होंने सड़क पर लेटकर विरोध जताया, जिसके चलते वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए। बाद में स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में डीजल आपूर्ति और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।